

Tulsi And Noyna Face Off: स्मृति ईरानी के आइकॉनिक शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 6 साल का लीप आने के बाद से ही हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है।
'शांति निकेतन' अब बिल्कुल चिड़ियाघर बन चुका है, जहाँ के सदस्य सिर्फ़ आपस में लड़ते-झगड़ते दिखाई दे रहे हैं। अब तो आलम यह है कि विरानी परिवार अपनी सारी दौलत गंवाकर सड़क पर आने की कगार पर पहुँच चुका है।
लीप के बाद से ही घर के हर सदस्य की ज़िंदगी में बड़ी उथल-पुथल मची है।
परी का दुःख: परी की हालत तो एकदम खराब हो चुकी है। रणविजय संग शादी करना उसकी ज़िंदगी का सबसे बुरा फैसला साबित हुआ। वह अपनी माँ तुलसी की बात न सुनकर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार चुकी है और अब अपना दर्द किसी को सुना भी नहीं सकती।
अन्य सदस्य: ऋतिक ने भी मिताली संग शादी कर ली है, और उनकी एक बेटी है। अंगद और वृंदा भी दो जुड़वां बच्चों के पेरेंट्स बन चुके हैं।
मिहिर के घर में रहने के बावजूद नॉयना की ज़िंदगी भी अच्छी नहीं है।
मिहिर का व्यवहार: मिहिर अब नॉयना की बिल्कुल भी इज़्ज़त नहीं करता है। नॉयना बस मिहिर की केयर टेकर बनकर रह गई है।
बिजनेस में नुकसान: तुलसी के घर से जाने के बाद से विरानी परिवार के बिजनेस में काफी नुकसान हुआ है। यही कारण है कि 'शांति निकेतन' अब बिकने के कगार पर पहुँच चुका है।
घर की आर्थिक बदहाली का असर परिवार के माहौल पर भी दिख रहा है।
परी का जन्मदिन ड्रामा: परी के जन्मदिन पर पूरा परिवार सिर्फ़ लड़ता ही नज़र आया। जब परी ने दुख जताया, तो गायत्री ने कहा, "अब बर्थडे वगैरा कुछ नहीं, तुलसी रहती तो ये सब होता।"
नॉयना का गुस्सा: इस पर नॉयना चिढ़ जाती है और गायत्री से कहती है कि "इतनी ही तुलसी की याद आ रही है तो आप उसके पास चली क्यों नहीं जाती हैं।" गायत्री नॉयना से कहती है कि आज भी उसकी आँखों में तुलसी का डर देखने को मिलता है।
एक तरफ जहाँ तुलसी अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत कर चुकी है, वहीं अब 6 साल बाद एक बार फिर तुलसी और नॉयना का आमना-सामना होने वाला है। तुलसी को अचानक देखकर नॉयना के होश उड़ने वाले हैं और यह टक्कर एक बड़ा ड्रामा लेकर आएगी।