Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Khwaja Ahmad Abbas Career: जब अब्बास साहब ने परखा अमिताभ बच्चन का हुनर, सदी के महानायक को मिली नई पहचान

Khwaja Ahmad Abbas Special Story: भारतीय सिनेमा के इतिहास में ख्वाजा अहमद अब्बास का नाम एक दूरदर्शी लेखक, पत्रकार और फिल्मकार के रूप में दर्ज है। जिन्होंने अपनी लेखन से समाजिक मुद्दों को उजागर किया।

  • Written By: यति सिंह
Updated On: Jun 07, 2026 | 07:05 AM

दिवंगत ख्वाजा अहमद अब्बास (फाइल फोटो)

Follow Us
Follow Us:

Khwaja Ahmad Abbas Birth Anniversary: भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनका योगदान भारतीय सिनेमा के पर्दे पर दिखने वाली फिल्मों से कहीं बड़ा है। यहां हम बात कर रहे है, ख्वाजा अहमद अब्बास की। जिन्होंने एक लेखक, निर्देशक, पत्रकार और विचारक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। ख्वाजा अहमद अब्बास ने न केवल भारतीय समानांतर सिनेमा को नई दिशा दी, बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को वह कलाकार भी दिया, जिसे आज दुनिया ‘सदी का महानायक’ कहती है। ख्वाजा अहमद अब्बास उन चुनिंदा फिल्मकारों में शामिल थे, जो प्रतिभा को उसके शुरुआती दौर में ही पहचानने की क्षमता रखते थे।

बात साल 1969 की है, अब्बास साहब अपनी फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ के लिए नए कलाकारों की तलाश कर रहे थे, तब अब्बास साहब की नजर एक लंबे, दुबले-पतले लड़के पर पड़ी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा था कि वह लड़का आगे चलकर भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सितारा बनेगा। जिसे ये दुनिया सदी के महानायक के नाम से जानेगी। लेकिन अब्बास ने अमिताभ बच्चन में वह हुनर देख लिया था, जो आज पूरी दुनिया के सामने है।

पानीपत से मुंबई तक का सफर

7 जून 1914 को हरियाणा के पानीपत में जन्मे ख्वाजा अहमद अब्बास का जीवन साहित्य, पत्रकारिता और सिनेमा के इर्द-गिर्द घूमता रहा। ख्वाजा अब्बास की शुरुआती पढ़ाई पानीपत में हुई थी। उसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक और कानून की शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक लेखन के जरिए अलग पहचान बनाई।

सम्बंधित ख़बरें

Amrita Rao Love Story: न कोई स्टार, न कोई किंग…इस आरजे पर हार बैठीं थी अमृता राव अपना दिल

Ekta Kapoor Birthday: एकता कपूर ने बदली भारतीय टेलीविजन की तस्वीर, तीन दशक से कर रही हैं मनोरंजन जगत पर राज

समाज के दोहरे मापदंडों पर माधुरी दीक्षित का बयान, कहा- महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग हैं नियम

Kattalan Movie: एक तस्वीर और बदल गई जिंदगी, हरिशंकर नारायण का ‘कट्टलन’ तक का दिलचस्प सफर

सामाजिक सरोकार वाली फिल्मों पर दिया जोर

साल 1930 में भारतीय सिनेमा में उन्होंने अपना पहला कदम रखा। ख्वाजा अब्बास ने अपने करियर की शुरुआत पटकथा लेखन से की। फिर धीरे-धीरे डायरेक्शन की ओर अपना कदम बढ़ाया। अब्बास साहब ने अपनी फिल्मों में आम लोगों के संघर्ष, सामाजिक असमानता और देश के बदलते हालात प्रमुख विषय होते थे। यही वजह थी कि उन्हें भारतीय समानांतर सिनेमा का अग्रदूत कहा जाने लगा।

धरती के लाल से शहर और सपना का सफर

ख्वाजा अब्बास द्वारा निर्देशित शुरुआती फिल्मों में ‘धरती के लाल’को अलग पहचान मिली है। इसके बाद अब्बास ने कई ऐसी फिल्में बनाईं, जिन्होंने समाज मुद्दों को बड़े पर्दे पर उतारा। उनकी फिल्म ‘शहर और सपना’ को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला और इस फिल्म में उन्हें एक संवेदनशील फिल्मकार के रूप में स्थापित किया।

अमिताभ बच्चन को मिली सात हिंदुस्तानी से पहचान

हालांकि ख्वाजा अब्बास की सबसे चर्चित फिल्मों में ‘सात हिंदुस्तानी’ का नाम सबसे ऊपर आता है। सात हिन्दुस्तानी से अमिताभ बच्चन ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इसके बाद में अमिताभ ने कई मौकों पर बताया कि मुंबई में हुई पहली मुलाकात के दौरान अब्बास ने उनसे लंबी बातचीत की थी और कुछ ही समय में उनकी क्षमता को पहचान लिया था।

यह भी पढ़ें: Anup Soni Career: अनुप सोनी ने याद किए ‘हथियार’ के दिन, कहा- संजय दत्त और शिल्पा शेट्टी से बहुत कुछ सीखा

पद्मश्री  से किए गए सम्मानित

ख्वाजा अहमद अब्बास ने केवल निर्देशन ही नहीं किया बल्कि कई फेमस फिल्मों की पटकथा भी लिखी। राज कपूर की ‘आवारा’, ‘श्री 420’, ‘जागते रहो’, ‘मेरा नाम जोकर’ और ‘बॉबी’ जैसी फिल्मों में उनके लेखन की गहरी छाप दिखाई देती है।

सिनेमा और समाज के प्रति उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। 1 जून 1987 को उनका निधन हो गया। भारतीय सिनेमा में उनका नाम हमेशा उस दूरदर्शी फिल्मकार के रूप में याद किया जाता है।

Khwaja ahmad abbas birth anniversary who discovered amitabh bachchan

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 07, 2026 | 07:05 AM

Topics:  

  • Birthday Special
  • Bollywood Film Industry
  • Entertainment

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.