मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जूनियर बी ने अपने नाम किया, भावुक हुए पिता

Amitabh Got Emotional For Junior B: मेलबर्न में आयोजित फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अभिषेक बच्चन को मिला है। बेटे की इस उपलब्धि से पिता अमिताभ बच्चन बहुत खुश हैं।
abhishek got best actor award in melbourne film festival
मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में अभिषेक बच्चन को मिला बेस्ट एक्टर अवार्ड (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Abhishek Bachchan Won Best Actor Award: मेलबर्न में आयोजित फिल्म फेस्टिवल में अभिनेता अभिषेक बच्चन ने बेस्ट एक्टर का अवार्ड जीता है। यह अवार्ड उन्हें 'आई वांट टू टॉक' के लिए मिला है। बेटे को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिलते ही पिता अमिताभ भावुक होते नजर आए।

उन्होंने अपने बेटे की उपलब्धि, उनके संयम, समझदारी और संजीदगी से भरे अभिनय की खुलकर प्रशंसा की। अपने ब्लॉग में पोस्ट कर उन्होंने बेटे की काबिलियत पर कई लाइन्स लिख डाले, जो उनके पिता से भरे भावुकता के एहसास को भली-भांति दर्शाता है। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में जूनियर बी की एक फोटो शेयर की, जिसमें अभिषेक हाथों में ट्रॉफी पकड़े हुए मुस्कुरा रहे हैं। साथ ही एक मैगजीन कवर भी पोस्ट किया गया, जिसमें टैगलाइन थी- 'द बच्चन ब्लूप्रिंट'।

दादाजी की विरासत को आगे बढ़ाता उनका पोता अभिषेक

ब्लॉग की शुरूआत में ही बिग बी ने अभिषेक की जमकर प्रशंसा कर डाली। उन्होंने लिखा वाकई मैं इस दुनिया का सबसे खुशकिस्मत पिता हूं। अभिषेक ने मेहनत, ईमानदारी, धैर्य और आलोचना का जबाव काम से, इन हुनर के जरिए जीवन में जो जीत हासिल की है सचमुच वह काबिलेतारीफ है।

कभी न हार मानने की अभिषेक की शक्ति यह जता जाती है कि, उसमें अपने दादा की विरासत को आगे संभालने का जबरदस्त जज्बा है।

बिना किसी दिखावे के अपने काम से बनाई पहचान

अमिताभ ने बेटे की तारीफ में अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कुछ पंक्तियां लिख डालीं। ''मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीका, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना।'' अभिषेक ने बिल्कुल इसी अंदाज में अपने जीवन को जिया है। शुरूआती दौर से ही आलोचकों ने उसे अपना निशाना बनाया।

पिता से बेटे के काम की तुलना, और भी कई वाकये अभिषेक ने चुप्पी के साथ झेला। और अपने काम पर खुद को लगाए रखा। बेहद ईमानदारी और साफगोई के साथ मेहनत करता रहा।

आज वही आलोचक उसकी प्रशंसा करते नहीं थक रहे। वाकई जीवन की सबसे बड़ी जीत आलोचकों का मुंह अपने काम से बंद करना होता है, जिसमें अभिषेक ने पूरी पाली अपने नाम की है। उसे मिला पुरस्कार पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है।

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