सैफ अली खान को रिप्लेस कर मिली पहली लीड फिल्म, 'मोहब्बतें' से रातोंरात बने स्टार; जानिए जुगल हंसराज की कहानी

Jugal Hansraj Career: बॉलीवुड एक्टर जुगल हंसराज ने चाइल्ड आर्टिस्ट से लेकर मुख्य एक्टर के रूप में एक लंबा सफर तय किया है। उनकी यह सिनेमाई यात्रा उतार-चढ़ाव और प्रेरणा से भरी हुई है।
Jugal Hansraj Birthday Special
जुगल हंसराज (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Jugal Hansraj Birthday Special: मुंबई के एक सामान्य परिवार से निकलकर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग छाप छोड़ने वाले एक्टर जुगल हंसराज का सफर बेहद दिलचस्प रहा है। पूर्व क्रिकेटर पिता के अनुशासन में पले-बढ़े इस कलाकार ने अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी।

समय के साथ उन्होंने सफलता के कई बड़े आयाम छुए और फिर लेखक तथा डायरेक्टर के रूप में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जुगल हंसराज की जिंदगी की यह दास्तान किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं लगती है, जिसमें संघर्ष, अप्रत्याशित मोड़ और अंततः एक बड़ी सफलता देखने को मिलती है।

पहली ही फिल्म से जीता हर दिल

जब फेमस डायरेक्टर शेखर कपूर अपनी फिल्म मासूम के लिए एक नए चाइल्ड आर्टिस्ट की तलाश कर रहे थे, तब उनकी नजर इस मासूम चेहरे पर पड़ी। शुरुआती झिझक और रोने वाले सीन के डर के बावजूद उन्हें फिल्म के लिए मना लिया गया।

शूटिंग के दौरान शबाना आजमी ने अपने किरदार की सच्चाई बनाए रखने के लिए उनसे दूरी बनाकर रखी थी। फिल्म में उनकी एक्टिंग की गहराई ऐसी थी कि दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र भी सिनेमाघर में अपने आंसू नहीं रोक पाए थे।

Jugal Hansraj Birthday Special
जुगल हंसराज (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

कई प्रोजेक्ट्स अटके पर हिम्मत नहीं हारी

90 के दशक में उनका करियर एक कठिन दौर से भी गुजरा, जब कई बड़े डायरेक्टरों के साथ साइन की गई फिल्में निर्माण संबंधी समस्याओं के कारण बंद हो गईं। इस अनिश्चितता ने उन्हें निराशा के दौर में धकेल दिया।

लेकिन साल 2000 में आई फिल्म मोहब्बतें ने उनकी किस्मत बदल दी। इसके बाद उन्होंने रोडसाइड रोमियो नामक एनिमेटेड फिल्म का निर्देशन किया, जिसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

एक्टिंग के बाद लेखन में बनाई पहचान

शादी के बाद विदेश में बस चुके जुगल हंसराज ने अपने जीवन के नए अध्याय में लेखन को अपनाया। पिता बनने के बाद बच्चों के साहित्य में उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने कई प्रसिद्ध उपन्यास लिखे।

जापानी बौद्ध दर्शन से प्रभावित उनका लेखन पाठकों के बीच बेहद पसंद किया गया। इस प्रकार एक बाल कलाकार से शुरू हुआ उनका यह सफर आज एक सफल लेखक और निर्देशक के रूप में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

अचानक मिली मेन एक्टर की भूमिका

पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उन्होंने सिनेमा में मेन एक्टर के तौर पर कदम रखने का फैसला किया, तो किस्मत ने उन्हें एक अनोखा मौका दिया। शूटिंग से ठीक छह दिन पहले सैफ अली खान की जगह उन्हें आ गले लग जा फिल्म में अहम रोल दे दिया गया।

इस फिल्म में उनकी हिरोइन उर्मिला मातोंडकर थीं, जिन्होंने बचपन की फिल्म में उनकी बहन का किरदार निभाया था। यह उनके करियर का एक ऐसा पड़ाव था जिसने उन्हें मुख्य धारा के सिनेमा में स्थापित कर दिया।

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