

Highlights
झाड़ फूंक हॉरर और सस्पेंस से भरपूर फिल्म है, जिसे जियोहॉटस्टार पर देख सकते हैं।
फिल्म में सुंबुल तौकीर खान ने प्रेग्नेंट महिला आस्था का किरदार निभाया है।
कहानी एक कार एक्सीडेंट के बाद शुरू होती है, जब आस्था अनजान लोगों के घर पहुंच जाती है।
मंजरी नाम की आत्मा और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक कहानी फिल्म के रहस्य को गहरा करती है।
यशपाल शर्मा और पद्मिनी कोल्हापुरी भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।
Jhaad Phoonk Weekend OTT Watch: अगर आप इस वीकेंड घर बैठे कुछ डरावना और रोमांचक देखने का प्लान बना रहे हैं, तो जियोहॉटस्टार की फिल्म 'झाड़ फूंक' आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है। उत्तराखंड की रहस्यमयी पहाड़ियों के बीच बुनी गई यह कहानी हॉरर, अंधविश्वास और सस्पेंस का मेल है। फिल्म में सुंबुल तौकीर खान, यशपाल शर्मा और पद्मिनी कोल्हापुरी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।
कहानी एक प्रेग्नेंट महिला की है, जो एक हादसे के बाद अनजान लोगों के घर में पहुंच जाती है और फिर उसके सामने ऐसे राज खुलते हैं, जो उसकी जिंदगी को डरावने मोड़ पर ले जाते हैं। फिल्म की कहानी आस्था यानी सुंबुल तौकीर खान और उसके बॉयफ्रेंड राजवीर यानी हर्ष राजपूत से शुरू होती है। दोनों उत्तराखंड की पहाड़ियों में कार से सफर कर रहे होते हैं।
आस्था प्रेग्नेंट है और राजवीर से नाराज है, क्योंकि उसने अभी तक अपने परिवार को उनके रिश्ते के बारे में नहीं बताया है। इसी दौरान अचानक एक रहस्यमयी महिला उनकी कार के सामने आ जाती है। उसे बचाने की कोशिश में कार का एक्सीडेंट हो जाता है। जब आस्था को होश आता है, तो वह खुद को मोहन ठाकुर यानी यशपाल शर्मा और उनकी पत्नी कामिनी ठाकुर यानी पद्मिनी कोल्हापुरी के घर में पाती है। दोनों बताते हैं कि हादसे के वक्त कार में आस्था अकेली थी। राजवीर के बारे में कोई जानकारी न मिलने पर वह परेशान हो जाती है और घर लौटना चाहती है, लेकिन मोहन और कामिनी उसे रोक लेते हैं।
धीरे-धीरे आस्था को घर में अजीब आवाजें सुनाई देने लगती हैं। इसके बाद उसे बताया जाता है कि हादसे के पीछे मंजरी नाम की एक महिला का भूत है। सालों पहले गांव वालों ने मंजरी और उसके अजन्मे बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके बाद से उसकी आत्मा बदला लेने के लिए भटक रही है और गांव में किसी बच्चे को जन्म नहीं लेने देना चाहती।
अब आस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने अजन्मे बच्चे को बचाने की है। क्या वह इस डरावने चक्रव्यूह से बाहर निकल पाएगी? राजवीर के साथ आखिर हुआ क्या था? इन सवालों के जवाब फिल्म के क्लाइमैक्स में मिलते हैं।
फिल्म में सुंबुल तौकीर खान ने आस्था का किरदार निभाया है। एक डरी हुई प्रेग्नेंट महिला की बेचैनी, मानसिक तनाव और अपने बच्चे को बचाने की कोशिश को उन्होंने अच्छे से पर्दे पर उतारा है। वहीं, यशपाल शर्मा और पद्मिनी कोल्हापुरी अपने अनुभव से कहानी में रहस्य और रोमांच बढ़ाते हैं। मोहन और कामिनी के किरदारों के जरिए कहानी में कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखते हैं।
फिल्म की सबसे खास बात इसका पहाड़ी माहौल, सुनसान रास्ते और रहस्यमयी घर हैं। बैकग्राउंड साउंड और कम रोशनी वाले दृश्यों से डर का माहौल तैयार किया गया है। हालांकि, कुछ ट्विस्ट पहले ही समझ में आ जाते हैं और कुछ जगहों पर विजुअल इफेक्ट्स बेहतर हो सकते थे। इसके बावजूद हॉरर और सस्पेंस पसंद करने वालों के लिए यह फिल्म वीकेंड पर देखने का एक विकल्प है। 'झाड़ फूंक' जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध है।