हर्षवर्धन राणे (फोटो-सोशल मीडिया)
Harshvardhan Rane Struggle: बॉलीवुड अभिनेता हर्षवर्धन राणे ने अपने करियर को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। ‘सनम तेरी कसम’ और ‘एक दीवाने की दीवानियत’ जैसी चर्चित फिल्मों से पहचान बनाने वाले हर्षवर्धन इन दोनों ही फिल्मों के लिए मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे। इसके बावजूद उनकी मेहनत, ऑडिशन और सही मौके ने उन्हें इन फिल्मों का अहम हिस्सा बना दिया, जो आगे चलकर उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुईं।
हर्षवर्धन राणे ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि ‘सनम तेरी कसम’ और ‘एक दीवाने की दीवानियत’ के लीड रोल पहले किसी और अभिनेता को ऑफर किए गए थे। उन्होंने कहा, “दोनों फिल्मों में मैं फर्स्ट चॉइस नहीं था। ‘सनम तेरी कसम’ किसी और एक्टर को मिल चुकी थी और ‘एक दीवाने की दीवानियत’ भी पहले किसी और को ऑफर की गई थी। लेकिन परिस्थितियां बदलीं और मुझे मौका मिला।”
अभिनेता ने ‘सनम तेरी कसम’ से जुड़ा एक खास किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस फिल्म के लिए ऑडिशन दिया था। मेकर्स ने उनका पहला ऑडिशन देखने के बाद उन्हें एक घंटे के भीतर दोबारा बुलाया। दूसरी बार सीन करने पर निर्देशक भावुक हो गए। हर्षवर्धन को तब समझ आ गया था कि उनका काम मेकर्स को पसंद आया है, भले ही फिल्म पहले किसी और को ऑफर हो चुकी थी।
फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ साल 2016 में रिलीज हुई थी। शुरुआत में यह बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन साल 2025 में हुई री-रिलीज ने फिल्म की किस्मत पलट दी। दर्शकों ने हर्षवर्धन राणे और मावरा होकैन की जोड़ी को खूब प्यार दिया और फिल्म री-रिलीज पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसने 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।
वहीं, साल 2025 में रिलीज हुई ‘एक दीवाने की दीवानियत’, जिसे मिलाप मिलन जावेरी ने निर्देशित किया, में भी हर्षवर्धन का इंटेंस और इमोशनल किरदार दर्शकों को खूब पसंद आया। अभिनेता ने बताया कि उन्हें मिलाप जावेरी का विजन बेहद पसंद है, क्योंकि वह टियर-2 और टियर-3 शहरों की मास ऑडियंस के लिए फिल्में बनाते हैं।