हरिहरन (फोटो- सोशल मीडिया)
Hariharan Birthday Special Story: दिग्गज गायक हरिहरन का जन्म 3 अप्रैल 1955 को मुंबई में हुआ था। हरिहरन आज अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। हरिहरन का संगीत से रिश्ता बचपन से ही गहरा रहा है। उनके माता-पिता दोनों ही शास्त्रीय संगीत से जुड़े थे, जिससे घर में हमेशा सुर और रियाज का माहौल बना रहता था। यही कारण है कि उन्होंने बहुत कम उम्र से ही संगीत सीखना शुरू कर दिया और घंटों रियाज कर अपनी आवाज को निखारा।
हरिहरन ने अपने करियर की शुरुआत कॉन्सर्ट और टीवी से की। शुरुआती दिनों में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। साल 1977 में उन्होंने ‘ऑल इंडिया सुर सिंगार कॉम्पिटिशन’ जीती, जिसके बाद उन्हें इंडस्ट्री में पहचान मिलने लगी। उनके करियर को पहला बड़ा ब्रेक तब मिला, जब मशहूर संगीतकार जयदेव ने उन्हें फिल्म ‘गमन’ में गाने का मौका दिया।
हरिहरन का गाना ‘अजीब सानेहा मुझ पर गुजर गया’ रिलीज होते ही लोकप्रिय हो गया और हरिहरन का नाम लोगों के बीच जाना जाने लगा। हरिहरन के करियर में बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने ए आर रहमान के साथ काम किया। फिल्म ‘रोजा’ का गाना ‘रोजा जानेमन’ आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसा हुआ है। इसके अलावा ‘तू ही रे’, ‘बाहों के दरमियां’ और ‘झोंका हवा का’ जैसे गानों ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
सिर्फ फिल्मी गीतों तक ही सीमित न रहकर हरिहरन ने गजल की दुनिया में भी बड़ा नाम कमाया। उनकी गजलों में जो गहराई और सुकून होता है, वह सीधे श्रोताओं के दिल को छू जाता है। उन्होंने कई हिट गजल एल्बम्स दिए, जो आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं। एक इंटरव्यू में हरिहरन ने कहा कि आजकल गानों को टेक्नोलॉजी से इतना परफेक्ट बना दिया जाता है कि उनमें इंसानी भावनाएं कम हो जाती हैं।
हरिहरन के मुताबिक, असली संगीत वही है जो दिल से निकले और सीधे दिल तक पहुंचे। हरिहरन ने अपने लंबे करियर में कई भाषाओं में हजारों गाने गाए हैं। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री और दो नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। हरिहरन की आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के लिए एक अनमोल धरोहर है।