जूस की दुकान से शुरू हुआ सफर, Gulshan Kumar बने म्यूजिक इंडस्ट्री के किंग, फिर अंडरवर्ल्ड ने छीनी जिंदगी
Gulshan Kumar Story: गुलशन कुमार ने जूस की दुकान से शुरुआत कर टी-सीरीज जैसा म्यूजिक साम्राज्य खड़ा किया। भक्ति गीतों से सफलता पाई, लेकिन 1997 में अंडरवर्ल्ड से टकराव के चलते उनकी हत्या कर दी गई।
- Written By: सोनाली झा
गुलशन कुमार (फोटो-सोशल मीडिया)
Gulshan Kumar Birth Anniversary Special Story: टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार का जीवन संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल रहा है। 5 मई 1956 को दिल्ली के एक साधारण पंजाबी परिवार में जन्मे गुलशन कुमार ने अपनी शुरुआती जिंदगी बेहद सादगी में बिताई। उनके पिता चंद्रभान दरियागंज में एक छोटी सी जूस की दुकान चलाते थे, जहां गुलशन भी हाथ बंटाते थे, लेकिन उनके अंदर कुछ बड़ा कहने की चाह हमेशा जिंदा रही।
जूस की दुकान से आगे बढ़ते हुए गुलशन कुमार ने अपने पिता से साथ मिलकर एक दुकान खोली, जहां सस्ते कैसेट्स और रिकॉर्डेड गाने बेचे जाते थे। यहीं से उनके बिजनेस का असली सफर शुरू हुआ। उन्होंने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना की, जिसने बाद में टी-सीरीज के रूप में देश की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी का रूप ले लिया। भक्ति गीतों और भजनों के जरिए उन्होंने आम लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।
मुंबई में मिली असली पहचान
दिल्ली से मुंबई का सफर गुलशन कुमार के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यहां उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन में कदम रखा और कई फिल्मों का निर्माण किया। 1989 में आई ‘लाल दुपट्टा मलमल का’ उनकी पहली फिल्म थी, लेकिन असली सफलता उन्हें 1990 की फिल्म ‘आशिकी’ से मिली, जिसने म्यूजिक इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए।
सम्बंधित ख़बरें
Anupam Kher का मां दुलारी के लिए छलका प्यार, बोले- उनके त्याग और संघर्ष ने बनाया मुझे आज का इंसान
Remo Dsouza ने ‘राजा शिवाजी’ की जमकर की तारीफ, रितेश देशमुख-जेनेलिया के काम को बताया इंस्पायरिंग
काजल अग्रवाल ने Thalapathy Vijay की जीत पर दी बधाई, बोलीं- यह सिर्फ जीत नहीं, जनता के भरोसे का उत्सव
Priyanka Chopra Net Worth: थलापति विजय की फिल्म से शुरू हुआ सफर, आज हैं करोड़ों की हैं मालकिन
अंडरवर्ल्ड से टकराव और दर्दनाक हत्या
सफलता के शिखर पर पहुंचे गुलशन कुमार की जिंदगी में एक काला अध्याय भी आया। 12 अगस्त 1997 को मुंबई के अंधेरी स्थित जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम ने उनसे हर महीने 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। इसी के बाद उनकी हत्या कर दी गई, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
विरासत को आगे बढ़ा रहा परिवार
गुलशन कुमार के निधन के बाद उनके बेटे भूषण कुमार ने टी-सीरीज की कमान संभाली। आज यह कंपनी न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर में म्यूजिक और फिल्म प्रोडक्शन में एक बड़ा नाम है। टी-सीरीज का कारोबार कई देशों और महाद्वीपों में फैला हुआ है और यह लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। गुलशन कुमार की कहानी एक ऐसे इंसान की है, जिसने शून्य से शुरुआत कर शिखर तक का सफर तय किया, लेकिन उनकी सफलता से जलने वालों ने उनकी जिंदगी छीन ली।
