

Diljit Dosanjh Fees For Satluj Movie: बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाले दिलजीत दोसांझ ने कुछ ऐसा कर दिया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है। दिलजीत की फिल्म सतलुज फिलहाल काफी ज्यादा विवादों से घिरी हुई है।
हाल ही में सतलुज के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने दिलजीत को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। इस इंटरव्यू में हनी ने बताया है कि दिलजीत ने इस फिल्म को करने के लिए करोड़ों में फीस नहीं ली है, बल्कि सिर्फ 1 रुपये फीस के तौर पर ली।
हनी त्रेहान ने बताया कि वे जब पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म बनाना चाहते थे, तो वे उसमें एक पंजाबी हीरो को ही चुनना चाहते थे। वे चाहते थे कि इस रोल को कोई ऐसा पंजाबी एक्टर निभाए जो पंजाब की संस्कृति, भाषा और संवेदनाओं को गहराई से समझता हो। यहीं कारण था कि उन्होंने दिलजीत को इस फिल्म के हीरो के रुप में चुना।
इस इंटरव्यू में डायरेक्टर हनी त्रेहान ने दिलजीत दोसांझ से मुलाकात को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात दिलजीत से जनवरी 2021 में अमृतसर एयरपोर्ट पर हुई थी। समय की कमी होने के बाद भी दिलजीत ने उनकी बात पूरे ध्यान से सुनी और फिल्म के बारे में विस्तार से जानकारी भी ली।
हनी त्रेहान के मुताबिक, जब उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट और रिसर्च से जुड़ा फोल्डर दिलजीत को सौंपा, तो अभिनेता भावुक हो गए। उन्होंने स्क्रिप्ट को अपने माथे से लगाया और श्रद्धा के साथ 'वाहेगुरु' कहा। निर्देशक का कहना है कि उसी पल उन्हें महसूस हो गया था कि दिलजीत इस किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना चाहते हैं।
निर्देशक के अनुसार, जब फीस तय करने की बात आई तो दिलजीत ने किसी भी बड़ी रकम को लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा जैसे सम्मानित व्यक्ति का किरदार निभाने के बदले पैसे लेना उन्हें उचित नहीं लगता। हालांकि, कानूनी और अनुबंध संबंधी औपचारिकताओं के लिए किसी न किसी राशि का उल्लेख जरूरी था। ऐसे में दिलजीत की सहमति से उनकी फीस प्रतीकात्मक रूप से सिर्फ 1 रुपया तय की गई।
हनी त्रेहान के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ की सराहना हो रही है। कई लोग इसे उनके पेशेवर समर्पण और किरदार के प्रति सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं। अभिनेता के इस फैसले ने एक बार फिर यह दिखाया कि कुछ भूमिकाएं कलाकारों के लिए सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सम्मान का विषय भी होती हैं।