Alok Nath Birthday: डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता, किस्मत ने बना दिया बॉलीवुड का बाबूजी, जानें आलोक नाथ की स्टोरी
Alok Nath Career: आलोक नाथ को आज बॉलीवुड के संस्कारी ‘बाबूजी’ के रूप में जाना जाता है, लेकिन करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने फिल्म ‘कामाग्नि’ में टीना मुनीम के साथ बोल्ड और रोमांटिक सीन भी दिए थे।
- Written By: सोनाली झा
आलोक नाथ (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Alok Nath Birthday Special Story: बॉलीवुड अभिनेता आलोक नाथ का जन्म 10 जुलाई 1956 को दिल्ली में हुआ था। आलोक नाथ आज अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। मैंने प्यार किया, हम आपके हैं कौन, विवाह और कई पारिवारिक फिल्मों में निभाए गए उनके पिता के किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि अपने करियर के शुरुआती दौर में आलोक नाथ ने एक ऐसी फिल्म में काम किया था, जिसमें उन्होंने बोल्ड सीन देकर सभी को चौंका दिया था।
आलोक नाथ का सपना अभिनेता बनना नहीं था। उनके पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन किस्मत उन्हें अभिनय की दुनिया में ले आई। पढ़ाई के दौरान उनका रुझान थिएटर की ओर बढ़ा और उन्होंने रुचिका थिएटर ग्रुप से जुड़कर अभिनय की शुरुआत की। बाद में उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय की पेशेवर शिक्षा हासिल की, जिसने उनके करियर की मजबूत नींव रखी।
आलोक नाथ की गांधी
आलोक नाथ को पहला बड़ा मौका रिचर्ड एटनबरो की ऑस्कर विजेता फिल्म ‘गांधी’ से मिला। इसके लिए उन्हें करीब 20 हजार रुपये की फीस मिली थी। हालांकि, इसके बाद उन्हें फिल्मों में लगातार काम नहीं मिला और उन्हें कई साल तक संघर्ष करना पड़ा। इसी दौरान उन्होंने थिएटर में सक्रिय रहते हुए अपने अभिनय को निखारा।
सम्बंधित ख़बरें
Parveen Sultana Birthday: 5 साल की उम्र से शुरू किया रियाज, आरडी बर्मन की पसंद बनीं परवीन सुल्ताना की आवाज
ऐल्फा की बॉक्स ऑफिस रफ्तार पड़ी धीमी, सात दिन में हुई 46.17 करोड़ की कमाई, धमाल 4 से बढ़ी चुनौती
Mysaa Update: बिना बॉडी डबल के अंडरवॉटर एक्शन करती दिखेंगी रश्मिका मंदाना, मेकर्स ने शेयर की दमदार BTS झलक
अमेरिकी नागरिकता की अफवाहों पर दिलजीत दोसांझ ने किया रिएक्ट, बोले- मैं एक कार्ड लूंगा और उसे हरा रंग दूंगा
कामाग्नि में दिखा अलग अंदाज
साल 1987 में रिलीज हुई फिल्म ‘कामाग्नि’ में आलोक नाथ ने अभिनेत्री टीना मुनीम के साथ रोमांटिक भूमिका निभाई। फिल्म में उनके कुछ बोल्ड और अंतरंग दृश्य उस दौर में चर्चा का विषय बने थे। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही अभिनेता आगे चलकर हिंदी सिनेमा का सबसे लोकप्रिय ‘संस्कारी बाबूजी’ बन जाएगा।
कयामत से कयामत तक के बाद मिली नई पहचान
आलोक नाथ के करियर में बड़ा बदलाव साल 1988 में आई फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ के बाद आया। इसके बाद उन्हें लगातार पिता, बड़े भाई और परिवार के मुखिया जैसे किरदार मिलने लगे। उनकी सादगी, सहज अभिनय और गंभीर व्यक्तित्व ने दर्शकों के बीच ऐसी पहचान बनाई कि वे पारिवारिक फिल्मों का पर्याय बन गए। करीब 140 फिल्मों और 15 से अधिक टीवी शो में काम कर चुके आलोक नाथ ने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं।
संस्कारी छवि से हमेशा जुड़े रहे आलोक नाथ
अपने लंबे फिल्मी करियर में आलोक नाथ ने यह साबित किया कि एक कलाकार किसी भी तरह का किरदार निभा सकता है। शुरुआती दौर में रोमांटिक और बोल्ड भूमिकाएं निभाने वाले आलोक नाथ बाद में भारतीय सिनेमा के सबसे भरोसेमंद पारिवारिक चेहरों में शामिल हो गए। यही वजह है कि आज भी उन्हें दर्शक प्यार से ‘बाबूजी’ के नाम से याद करते हैं।
