Bobby Deol Birthday: काम नहीं मिला तो डीजे बने बॉबी देओल, खलनायक बनकर ऐसे बदली किस्मत
Bobby Deol Comeback: बॉबी देओल का करियर संघर्ष और शानदार वापसी की मिसाल है। काम न मिलने पर उन्होंने डीजे तक का काम किया, डिप्रेशन से जूझे, लेकिन ‘आश्रम’ में बाबा निराला बनकर किस्मत पलट दी।
- Written By: सोनाली झा
बॉबी देओल (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Bobby Deol Struggle Story: बॉलीवुड में बहुत कम ऐसे अभिनेता हैं जिनका करियर उतार-चढ़ाव, संघर्ष और ज़बरदस्त वापसी की मिसाल बन गया हो। बॉबी देओल उन्हीं नामों में से एक हैं। कभी रोमांटिक हीरो के तौर पर लाखों दिलों पर राज करने वाले बॉबी ने एक ऐसा दौर भी देखा, जब उनके पास सालों तक काम नहीं था। लेकिन आज वही बॉबी देओल ‘लॉर्ड बॉबी’ के नाम से फैंस के बीच एक अलग ही पहचान बना चुके हैं।
27 जनवरी 1969 को धर्मेंद्र और प्रकाश कौर के घर जन्मे बॉबी देओल ने बचपन में ही फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था। वह बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्म ‘धर्मवीर’ में नजर आए। साल 1995 में रिलीज हुई फिल्म ‘बरसात’ से उन्होंने बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया और पहली ही फिल्म से सुपरस्टार बन गए। उनकी मासूम मुस्कान, घुंघराले बाल और रोमांटिक अंदाज ने उन्हें यूथ आइकन बना दिया। ‘सोल्जर’, ‘गुप्त’, ‘अजनबी’, ‘हमराज’, ‘बादल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हिट मशीन बना दिया।
बॉबी देओल का करियर
हालांकि, 2000 के दशक के बाद बॉबी देओल का करियर धीरे-धीरे ढलान पर आने लगा। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगभग 10 साल तक कोई ढंग का काम नहीं मिला। इस दौर में बॉबी मानसिक तौर पर टूटने लगे थे। खुद बॉबी कई इंटरव्यू में स्वीकार कर चुके हैं कि वह डिप्रेशन से जूझ रहे थे। हालात इतने मुश्किल हो गए कि 2016 में उन्होंने दिल्ली के एक नाइट क्लब में बतौर डीजे तक काम किया, ताकि खुद को व्यस्त रख सकें और जिंदगी से जुड़े रह सकें।
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आश्रम बना बॉबी देओल के लिए गेम-चेंजर
इस मुश्किल समय में उनकी पत्नी तान्या देओल उनके लिए मजबूत सहारा बनीं। उन्होंने बॉबी को न सिर्फ इमोशनल बल्कि आर्थिक रूप से भी सपोर्ट किया। साल 2018 में सलमान खान की फिल्म ‘रेस 3’ से बॉबी को दोबारा बड़े पर्दे पर मौका मिला, हालांकि असली गेम-चेंजर साबित हुई वेब सीरीज ‘आश्रम’। इस सीरीज में बाबा निराला के किरदार में बॉबी देओल ने खलनायक की ऐसी छवि गढ़ी कि दर्शक हैरान रह गए।
निगेटिव रोल ने बना दिया लॉर्ड बॉबी
‘आश्रम’ की सफलता के बाद बॉबी देओल की दूसरी पारी शुरू हुई। इसके बाद फिल्म ‘एनिमल’ में उनके दमदार निगेटिव रोल ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया। महज कुछ मिनटों की स्क्रीन प्रेजेंस के बावजूद उन्होंने फिल्म में गहरी छाप छोड़ी। आज बॉबी देओल सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि संघर्ष और कमबैक की मिसाल हैं।
