मुंबई में सड़क पर गुजारी रातें, कभी फुटपाथ पर सोते थे अनुराग कश्यप, आज करोड़ों की दौलत के है मालिक

Anurag Kashyap Birthday: कभी मुंबई की सड़कों पर बेघर होकर सोने वाले अनुराग कश्यप आज करोड़ों रुपये के मालिक हैं। अपनी खास पहचान बनाने वाले अनुराग कश्यप का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा।
Anurag Kashyap Birthday
अनुराग कश्यप(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Anurag Kashyap Net Worth: फिल्म इंडस्ट्री में हर साल हजारों युवा आंखों में बड़े-बड़े सपने लिए कदम रखते हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो बिना किसी गॉडफादर के अपनी किस्मत खुद लिखते हैं। हिंदी सिनेमा को एक नया आयाम देने वाले डायरेक्टर और राइटर अनुराग कश्यप की गिनती भी ऐसे ही चुनिंदा फिल्म निर्माताओं में होती है। आज भले ही वह लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं और करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुँचने का उनका सफर बेहद मुश्किलों भरा रहा है।

जब महज 5000 रुपये लेकर पहुंचे थे मुंबई

यूपी के गोरखपुर में 10 सितंबर 1972 को जन्मे अनुराग कश्यप की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई के बाद का जीवन काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। उन्होंने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों में ही थिएटर और नुक्कड़ नाटकों से जुड़ने के कारण उनका रुझान एक्टिंग और फिल्मों की तरफ बढ़ने लगा।

सिनेमा के प्रति जुनून इस कदर बढ़ा कि साल 1993 में वह अपनी जेब में सिर्फ 5000 हजार रुपये लेकर मुंबई चले आए। नए शहर में काम तलाशना आसान नहीं था। पैसे खत्म होने लगे तो मजबूरी में उन्हें सड़कें, फुटपाथ और कभी-कभी ट्रैफिक सिग्नल के किनारे सोकर रातें गुजारनी पड़ीं।

Anurag Kashyap Birthday
अनुराग कश्यप(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

फिल्म सत्या की सफलता ने बदली किस्मत

संघर्ष के दिनों में अनुराग कश्यप ने लेखन से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने सबसे पहले 'ऑटो नारायण' और 'जयते' जैसी फिल्मों की कहानियां लिखीं, लेकिन ये फिल्में किसी वजह से बड़े पर्दे तक नहीं पहुँच सकी। उनके करियर में बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने अभिनेता मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म 'सत्या' की कहानी लिखी।

इस फिल्म ने उन्हें रातों-रात अलग पहचान दिला दी। इसके बाद उन्होंने 'शूल' के डायलॉग लिखे और 'कौन' की कहानी तैयार की। आगे चलकर वह 'उड़ान', 'वॉटर' और 'भावेश जोशी सुपरहीरो' जैसी फिल्मों की कहानी के काम में भी जुड़े रहे और अपनी कलम का लोहा मनवाया।

गैंग्स ऑफ वासेपुर ने बनाया डायरेक्शन का बादशाह

बतौर डायरेक्टर अनुराग कश्यप का शुरुआती सफर आसान नहीं रहा। उनकी पहली फिल्म 'पांच' कभी रिलीज ही नहीं हो पाई। इसके बाद 'ब्लैक फ्राइडे' को भी सेंसर बोर्ड से हरी झंडी पाने के लिए 2 साल लंबा इंतजार करना पड़ा। हालांकि, 'देव डी' और 'गुलाल' जैसी फिल्मों ने उन्हें आलोचकों की तारीफ दिलाई।

लेकिन असली मील का पत्थर साल 2012 में आई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' साबित हुई। इस फिल्म ने न सिर्फ सिनेमाघरों में धमाल मचाया, बल्कि अनुराग कश्यप को देश के सबसे बेहतरीन डायरेक्टर्स में शामिल कर दिया। बाद में उन्होंने 'रमन राघव 2.0', 'मुक्काबाज' और 'मनमर्जियां' जैसी फिल्मों का शानदार डायरेक्शन किया।

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करोड़ों कमाकर बने करोड़ों की दौलत के मालिक

शुरुआती दौर में आर्थिक तंगहाली का सामना करने वाले अनुराग कश्यप आज इंडस्ट्री के सबसे अमीर फिल्ममेकर्स में गिने जाते हैं। डायरेक्शन के अलावा उन्होंने 'मसान', 'द लंचबॉक्स' और 'क्वीन' जैसी बेहतरीन फिल्मों का निर्माण भी किया है।

उनकी खुद की 'अनुराग कश्यप फिल्म्स' नाम से प्रोडक्शन कंपनी भी है। खबरों के अनुसार आज उनकी कुल संपत्ति लगभग 800 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है और उनकी महीने की कमाई करोड़ों में है। फुटपाथ से शुरू हुआ उनका यह सफर आज सभी के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है।

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