

Diljit Dosanjh Satluj Ban Controversy: बॉलीवुड में इन दिनों अभिव्यक्ति की आजादी और इतिहास के संवेदनशील पन्नों को लेकर एक नया घमासान छिड़ गया है। फेमस एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म सतलुज को लेकर उठा विवाद अब और गहरा गया है। जब इस फिल्म को बिना कोई ठोस कारण बताए ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से अचानक हटा दिया गया तो हर जगह खलबली मच गई।
अचानक उठे इस कदम ने न केवल फैंस को निराश किया है, बल्कि बॉलीवुड के कई बड़े फिल्ममेकर्स और कलाकारों को भी हैरान कर दिया है। फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अब इस फैसले के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
बॉलीवुड को हमेशा समाज का आईना मानने वाले फेमस डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने फिल्म सतलुज विवाद पर बेहद सख्त और अनोखा रिएक्शन दी है। अनुराग कश्यप इस तरह के डिजिटल प्रतिबंधों को बेअसर बताते हुए दर्शकों को एक अलग ही रास्ता सुझा दिया है।
उनका कहना है कि अगर कोई प्लेटफॉर्म आधिकारिक तौर पर फिल्म को दिखाने से पीछे हट रहा है, तो लोगों को इसके पायरेटेड वर्जन का सहारा लेना चाहिए। डायरेक्टर का यह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि वह कला पर किसी भी तरह की पाबंदी या सेंसरशिप के सख्त खिलाफ हैं और कहानी को जनता तक पहुंचाने के पक्षधर हैं।
बॉलीवुड से लेकर सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने वाली फेमस एक्ट्रेस गुल पनाग ने भी 'सतलुज' विवाद में अपना गुस्सा जाहिर किया है। गुल पनाग ने इस प्रतिबंध को पूरी तरह से गलत ठहराते हुए कहा कि हमें अतीत की कड़वी और दर्दनाक कहानियों को दबाने की कोशिश बंद कर देनी चाहिए।
गुल पनाग का मानना है कि इतिहास में जो कुछ भी घटा है, उसे बयां करना बेहद जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां सच से रूबरू हो सकें। सच्चाई को छुपाने की कोशिशें कभी भी किसी स्वस्थ समाज के निर्माण में मददगार साबित नहीं हो सकतीं।
दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब एक नए मुकाम पर पहुंच गया है, जहां कॉरपोरेट प्लेटफॉर्म और कलाकारों की सोच आमने-सामने खड़ी है।
सितारों के इस आक्रामक रुख के बाद अब देखना यह होगा कि क्या संबंधित ओटीटी प्लेटफॉर्म अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या फिर यह फिल्म डिजिटल दुनिया के किसी नए रास्ते से फैंस के दिलों तक पहुंचेगी।