देश की रक्षा में जान गंवाने वाले सैनिकों को अनुपम खेर ने किया याद, पोस्ट में बयां की मां की पीड़ा

Anupam Kher ने शहीद मेजर अक्षय गिरीश की मां मेघना गिरीश की किताब 'फाइंडिंग न्यू मीनिंग' का जिक्र कर सैनिकों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कोई भी चीज एक बेटे को खोने की क्षति को नहीं भर सकती।
Anupam Kher Emotional Tribute to Indian Army
Anupam Kher (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Anupam Kher Emotional Tribute to Indian Army: 500 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और अक्सर अपने पोस्ट के जरिए फैंस को प्रेरित करते हैं। हाल ही में, उन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों को याद किया और साथ ही उन माताओं की असहनीय पीड़ा को भी शब्दों में बयां करने की कोशिश की, जिन्होंने अपने नौजवान बेटों को खोया है।

अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने उस मां और परिवार के नजरिए को साझा किया है, जिसने अपने बेटे को देश पर न्योछावर कर दिया।

मां की पीड़ा पर लिखी किताब का किया जिक्र

अभिनेता ने वीडियो में अपनी दोस्त मेघना गिरीश द्वारा लिखी गई एक किताब का ज़िक्र किया। मेघना गिरीश वही मां हैं, जिनके जवान बेटे मेजर अक्षय गिरीश ने आर्मी में सेवा देते हुए देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।

किताब का नाम: मेघना गिरीश ने 'फाइंडिंग न्यू मीनिंग' नाम की किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे के बलिदान के साथ-साथ अपनी जिंदगी में आए खालीपन और भावनात्मक यात्रा के बारे में लिखा है।

इमोशनल अपील: अनुपम खेर किताब को लेकर काफी इमोशनल दिखे और उन्होंने अपने फैंस से अपील भी की है कि वे किताब को ज्यादा से ज्यादा खरीदें और एक मां की जिंदगी में आए खालीपन और उदासी को समझें।

'उस क्षति की भरपाई कोई नहीं कर सकता!'

अनुपम खेर ने अपने कैप्शन में सैनिकों के बलिदान और उनके परिवार पर पड़ने वाले असर को मार्मिक ढंग से व्यक्त किया।

शहीद और परिवार: उन्होंने लिखा, "जब कोई सिपाही अपने देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर देता है, तो देश एक शहीद को खो देता है! लेकिन कोई न कोई अपना बेटा, भाई, पिता, पति या बचपन का दोस्त भी खो देता है! दुनिया में कोई भी चीज़ उस क्षति की भरपाई नहीं कर सकती!"

मेघना गिरीश को सलाम: उन्होंने मेघना गिरीश को सलाम करते हुए आगे लिखा, "मेघना गिरीश को सलाम, जिन्होंने अपने बेटे मेजर अक्षय गिरीश को युद्ध में खोने के असहनीय दर्द को बयां करते हुए एक मां के रूप में अपनी कहानी लिखी है। हम उनके अकेलेपन को दूर नहीं कर सकते, लेकिन उनके दुख को बांटने की कोशिश कर सकते हैं।"

बता दें कि अनुपम खेर खुद एक अभिनेता के अलावा, एक लेखक हैं और उनकी किताब "लेसन्स लाइफ टॉट मी अननोइंगली" बेस्ट सेलर बनी थी।

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