जब आमिर खान को पसंद नहीं आई थी अनुपम खेर की एक्टिंग, डायरेक्टर से की थी शिकायत, जानें दिलचस्प किस्सा
Anupam Kher Career: अनुपम खेर के 71वें जन्मदिन पर उनकी फिल्मी यात्रा से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सामने आया है। फिल्म दिल है कि मानता नहीं की शूटिंग के दौरान आमिर खान को उनकी एक्टिंग अजीब लगी थी।
- Written By: सोनाली झा
अनुपम खेर (फोटो-सोशल मीडिया)
Anupam Kher Birthday Special Story: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अनुपम खेर का जन्म शिमला में 7 मार्च 1955 को हुआ था। अनुपम खेर आज 71 साल के हो गए हैं। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1984 में रिलीज हुई फिल्म सारांश से की थी। महेश भट्ट के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अनुपम खेर ने महज 28 साल की उम्र में 65 साल के बुजुर्ग पिता बी. पी. प्रधान का किरदार निभाया था। इस किरदार ने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई और आज भी इसे उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिना जाता है।
अनुपम खेर कई बार कह चुके हैं कि अगर वह इतने सालों से इंडस्ट्री में टिके हुए हैं तो इसकी सबसे बड़ी वजह ‘सारांश’ का उनका किरदार है। वह महेश भट्ट को अपना गुरु मानते हैं और जब भी उनसे मिलते हैं तो उन्हें गुरु दक्षिणा देना नहीं भूलते। एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने फिल्म ‘दिल है की मानता नहीं’ से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया था।
आमिर खान को नहीं पसंद थी अनुपम खेर की एक्टिंग
अनुपम ने बताया कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आमिर खान को उनकी एक्टिंग पसंद नहीं आई थी। अनुपम खेर के मुताबिक, महेश भट्ट साहब की फिल्म ‘दिल है कि मानता नहीं’ में आमिर खान को लगा कि मैं अपने किरदार में कुछ अजीब कर रहा हूं। उस फिल्म में मैंने चंकी पांडे के पिता का गेटअप लिया था। आमिर ने भट्ट साहब से कहा कि अनुपम ठीक से एक्टिंग नहीं कर रहे।
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अनुपम खेर ने दिया ऐसा जवाब
इसके बाद महेश भट्ट ने यह बात अनुपम खेर को बताई। तब उन्होंने अपने किरदार की सोच समझाते हुए कहा कि यह एक ऐसा पिता है जो अपनी बेटी से कहता है कि अगर तुम खुश नहीं हो तो शादी के मंडप से भाग जाओ। अनुपम खेर ने कहा कि दुनिया में शायद ही कोई पिता अपनी बेटी से ऐसा कहे, इसलिए उन्होंने उस किरदार को अलग अंदाज में निभाने की कोशिश की थी।
सिगरेट के पैकेट पर लिखे जाते थे डायलॉग
अनुपम खेर ने पुराने दौर की फिल्मों को याद करते हुए बताया कि उस समय कई फिल्मों में स्क्रिप्ट तक पूरी तरह तैयार नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि कई बार हमें कहा जाता था कि डायलॉग सुबह मिलेंगे। सुबह राइटर आता था और उसके सिगरेट के पैकेट पर ही डायलॉग लिखे होते थे। उन्होंने यह भी बताया कि मशहूर निर्देशक सुभाष घई के साथ फिल्म राम लखन में उनका और सतीश कौशिक का मशहूर ‘अंडे वाला सीन’ शूटिंग के दौरान ही तैयार किया गया था। सुभाष घई ने दोनों से कहा था कि आप लोग आपस में सीन बना लो।
500 फिल्में बिना स्क्रिप्ट के कीं
अनुपम खेर ने फिल्मों की स्क्रिप्ट पर बात करते हुए कहा कि हर लिखी हुई स्क्रिप्ट अच्छी ही हो, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने बताया कि अपने करियर में उन्होंने लगभग 540 फिल्मों में काम किया है, जिनमें से करीब 500 फिल्में ऐसी थीं जिनकी पूरी स्क्रिप्ट पहले से तैयार नहीं थी। उन्होंने बताया कि निर्देशक डेविड धवन के साथ उन्होंने 11 फिल्में की हैं और लगभग सभी फिल्में सुपरहिट रहीं। डेविड धवन अक्सर सेट पर ही सीन समझा देते थे और कहते थे कि स्क्रिप्ट की चिंता मत करो, जैसे कह रहा हूं वैसे कर लो।
