ईवीएम मशीन का क्या होता है परिणाम के बाद (सौ.सोशल मीडिया)
EVM Machnine After Election:भारत में आज दो राज्यों महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव के नतीजे जहां पर सामने आते जा रहे है वहीं कई राज्यों में उपचुनाव के नतीजों की भी अपडेट मिलती जा रही है। आज चुनावी परिणामों की घोषणा होने पर आखिर ईवीएम मशीनों का क्या होगा, परिणाम बताने के बाद कहां चली जाती ईवीएम मशीने। जानिए मतदान प्रक्रिया के इस एक ओर हिस्से के बारे में ।
आपको बताते चलें कि, आजादी के बाद मतदान की प्रक्रिया में कई प्रकार के बदलाव अब तक होते गए है। यहां पर चुनाव जहां पर पहले बैलेट पेपर में होते थे वहीं पर आगे इसमें बदलाव किया गया कि, क्योंकि बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर कई धांधली होती थी। इसमें बैलेट पेपर में कागज़ के टुकड़े पर पार्टी को समर्थन देकर उसे बॉक्स में डाला जाता था लेकिन इस प्रक्रिया में कई बार फ्रॉड हो जाता था। इस प्रक्रिया में फर्जी वोटिंग होती थी। इसके बाद से इसमें बदलाव हुआ और ईवीएम मशीनों को लाया गया।
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बैलेट पेपर पर धांधली के बाद 90वें के दशक में पहली बार ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल शुरु हुआ था। इसमें वोटों की गिनती सुविधाजनक होती रही। एक मशीन में करीब दो हजार वोट रजिस्टर किये जा सकते हैं चौदह सौ वोट ही एक मशीन में डाले जा सकते हैं. वोटिंग के बाद इन मशीनों को स्ट्रांग रूम में रखा जाता है। इसकी जानकारी इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया नें दी। कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें रखा जाता है. जहां इन्हें रखा जाता है, वहां कोई भी इलेक्ट्रॉनिक मशीन नहीं रखी जाती, यहां तक कि बल्ब भी लगाए नहीं जाते हैं।
चुनाव परिणाम के बाद यह होता है
यहां पर ईवीएम के जरिए वोटों की गिनती और चुनाव परिणाम घोषित हो जाते है तो इसके नियम होते है जो इस प्रकार है। यहां पर परिणाम के बाद इन मशीनों को 45 दिन तक स्ट्रांग रुम में ही रखा जाता है। अगर इन दिनों के बीच किसी प्रकार का विवाद सामने आता है या फिर किसी पार्टी को दोबारा से काउंटिंग करवाना हो तो उनके पास 45 दिन का ही समय होता है। एक बार ये 45 दिन गुजर जाते हैं, तब इन मशीनों को स्टोरेज रुम में रखवा दिया जाता है. स्टोरेज रूम में रखे जाने से पहले भी सारे पार्टियों का एक प्रतिनिधि वहां मौजूद होता है। इसके बाद जब कभी चुनाव आयोजित करवाए जाते है तो इन ईवीएम की आवश्यकता होती है इसके बाद सभी से साइन करवाए जाते हैं, जब दोबारा चुनाव होता है, तब इन मशीनों को फिर से निकाला जाता है।