ममता बनर्जी, (मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल)
West Bengal Elections 2026 Latest Update: पश्चिम बंगाल में ‘दीदी’ ममता बनर्जी ने हाल ही में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बीते दिन यानी मंगलवार को अचानक अपने पास मौजूद 23 सरकारी विभागों और विभिन्न निकायों की जिम्मेदारियों को छोड़ने का ऐलान कर दिया। चुनाव की तारीखों के औपचारिक एलान के साथ ही अब राज्य में सत्ता की जंग तेज हो चुकी है।
ममता बनर्जी इस बार दक्षिण कोलकाता की सबसे चर्चित ‘भवानीपुर’ सीट से चुनावी मैदान में हैं। यहां उनकी सीधी टक्कर भाजपा के कद्दावर नेता और विपक्ष के वर्तमान नेता सुवेंदु अधिकारी से होने वाली है। चुनावी रणभेरी बजते ही मुख्यमंत्री ने यह साफ कर दिया है कि वे किसी भी तरह के ‘हितों के टकराव’ की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहतीं।
ममता बनर्जी ने राज्य स्वास्थ्य मिशन की प्रमुख से लेकर राज्य वन्यजीव बोर्ड की अध्यक्ष और इको-टूरिज्म सलाहकार बोर्ड जैसे कई रसूखदार पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। इससे अब साफ जाहिर होता है कि मुख्यमंत्री अब पूरी तरह से चुनावी मोड में हैं और वे अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बोझ को हटाकर जनता के बीच उम्मीदवार के रूप में जाना चाहती हैं।
ममता बनर्जी द्वारा छोड़े गए पदों की फेहरिस्त काफी लंबी है। उन्होंने न केवल पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी और बंगला संगीत मेला जैसी सांस्कृतिक आयोजन समितियों से खुद को अलग किया है, बल्कि इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसे नीतिगत फैसलों वाले बड़े पदों से भी इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा, उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समिति और राज्य एससी-जनजाति सलाहकार परिषद की जिम्मेदारियां भी छोड़ दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने दफ्तर को यह भी कहा है कि अगर कोई ऐसा पद रह गया हो जिसका लेटर में सीधा जिक्र नहीं है तो उससे भी उनका इस्तीफा स्वीकार करने की जरूरी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। चुनाव आयोग के कड़े नियमों को देखते हुए इस कदम को एक रणनीतिक बढ़त माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, सका फैसला इस बार दो चरणों में होने वाला है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की गई है। चुनाव संपन्न होने के बाद 4 मई को नतीजों के साथ बंगाल की नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी।
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मुख्यमंत्री के इस्तीफों की औपचारिक प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बुधवार शाम 4 बजे तक की समय सीमा तय की गई है, ताकि राज्य का प्रशासनिक ढांचा बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के निष्पक्ष होकर काम कर सके।