

West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज माहौल बेहद तनावपूर्ण और निर्णायक बना हुआ है। Mamata Banerjee, जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार हैं, धरने पर बैठ गई हैं और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ऑब्जर्वर और सुरक्षा बलों की भूमिका निष्पक्ष नहीं है। ममता बनर्जी का कहना है कि उनके क्षेत्र से पोस्टर हटाए जा रहे हैं और माहौल प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि “वोट सिर्फ जनता डालती है, पुलिस या सुरक्षा बल नहीं”, और चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप लगाए।
यह पूरा घटनाक्रम दूसरे और अंतिम चरण के दौरान सामने आया है, जिसमें दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। पहले चरण में रिकॉर्ड 92% मतदान दर्ज हुआ था, जिससे इस चरण को बेहद अहम माना जा रहा है।
आज कोलकाता की भवानीपुर सीट पर भी मतदान जारी है, जहां ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला विपक्षी उम्मीदवारों से माना जा रहा है। यह सीट उनके राजनीतिक प्रभाव का केंद्र भी रही है और 2021 में उन्होंने यहां उपचुनाव में जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा था।
इस चुनाव में विपक्षी दल भाजपा ने भ्रष्टाचार, घुसपैठ और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी है। वहीं टीएमसी अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और “बंगाली अस्मिता” के आधार पर चुनाव लड़ रही है।
इस बीच चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी गर्म है। टीएमसी इसे वोटर अधिकारों पर हमला बता रही है, जबकि बीजेपी इसे अवैध घुसपैठियों को हटाने की प्रक्रिया बता रही है।
दक्षिण बंगाल, जहां 2021 में टीएमसी ने 142 में से 123 सीटें जीती थीं, इस बार भी सत्ता की कुंजी माना जा रहा है। ऐसे में इस चरण का परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।