बंगाल में हुए नए सर्वे ने उड़ाए होश! क्या चौका लगा पाएंगी ममता बनर्जी? जानें प्री-पोल में कौन जीत रहा है चुनाव
Bengal Pre-Poll Results: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए आए एक प्री-पोल सर्वे में ममता बनर्जी की टीएमसी को लेकर बड़ा दावा किया है। सर्वे ने भाजपा के लिए भी चौंकाने वाला दावा किया है। जानें क्या…
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी, फोटो- सोशल मीडिया
West Bengal Election Latest Update: पश्चिम बंगाल में चुनावी शंखनाद के साथ ही कयासों का बाजार गर्म हो गया है। हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता की कुर्सी पर काबिज होंगी या भाजपा इस बार ‘दीदी’ के किले को ढहाने में सफल रहेगी।
इसी बीच वोटवाइब की ओर से जारी किए गए हालिया प्री-पोल सर्वे के नतीजे सामने आए हैं, जो इस समय सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ी राहत और भाजपा के लिए कड़ी चुनौती की ओर इशारा कर रहे हैं।
सर्वे में ‘चौका’ लगाते दिख रही है टीएमसी
सर्वेक्षण के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की वापसी के प्रबल आसार हैं। वोटवाइब के सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि TMC लगातार चौथी बार राज्य की सत्ता में आ सकती है। कुल 294 विधानसभा सीटों में से टीएमसी को 184 से 194 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (148) से काफी अधिक है। यह आंकड़ा बताता है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद ममता बनर्जी की पकड़ अपने गढ़ पर अब भी मजबूत बनी हुई है।
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वोट शेयर में टीएमसी की बढ़त, भाजपा को कितनी सीटें?
वोट शेयर के मामले में भी टीएमसी विपक्ष से काफी आगे नजर आ रही है। सर्वे के अनुसार, 41.9% उत्तरदाताओं ने टीएमसी के प्रति अपना समर्थन जताया है, जबकि मुख्य विपक्षी दल भाजपा को 34.9% वोट शेयर मिलने का अनुमान है।
सीटों के लिहाज से भाजपा को राज्य में 98 से 108 सीटें मिल सकती हैं। सर्वे में एक और दिलचस्प बात सामने आई है कि 36.5% लोग अपने मौजूदा टीएमसी विधायकों को ही फिर से वोट देने के इच्छुक हैं, जो एंटी-इंकंबेंसी के दावों को कमजोर करता है।
सोर्स- वोटवाइब प्री-पोल सर्वे
दो चरणों का चुनाव और 4 मई को होगा ‘महाफैसला’
चुनाव आयोग ने इस बार बंगाल की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष चुनावी कार्यक्रम तैयार किया है। इस बार पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर मतदान महज दो चरणों में यानी 23 अप्रैल और 29 अप्रैल में संपन्न होगा। पिछले चुनावों के आठ चरणों के मुकाबले यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसके बाद चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को सामने आ जाएंगे, जिससे साफ हो जाएगा कि बंगाल की जागरूक जनता ने किसके पक्ष में फैसला सुनाया है। हालांकि कांग्रेस और वामपंथी दल अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सर्वे में उनकी मौजूदगी सीमित रहने की ही उम्मीद जताई गई है।
भाजपा की तीसरी लिस्ट में क्या खास?
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, भाजपा भी अपनी रणनीति और सीटों के बंटवारे को लेकर आक्रामक रुख अपना रही है। भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए अपने 19 प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट की सबसे बड़ी खबर यह है कि भाजपा ने आरजी कर अस्पताल की दुष्कर्म पीड़िता की मां को टिकट दिया है, जिसे ममता सरकार के खिलाफ एक बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी इसके जरिए राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।
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क्या ओवैसी-कबीर बिगाड़ पाएंगे टीएमसी का खेल?
सीटों के इस सियासी गणित के बीच एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री ने भी मामले को और भी दिलचस्प बना दिया है। ममता बनर्जी द्वारा उन्हें भाजपा की ‘बी टीम’ कहे जाने के आरोपों पर ओवैसी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए जवाब देते हुए पूछा कि क्या भाजपा के 77 विधायकों को उन्होंने जिताया था? इस बार बंगाल में ओवैसी और हुमायु कबीर ने गठबंधन किया है। इससे ममता बनर्जी को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।
