

PM Modi Dhemaji Election Rally: असम में विधानसभा चुनाव की सियासत तेज हो गई है और चुनावी तैयारियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम दौरे पर हैं। गोगामुख में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में असम में तेजी से विकास हुआ है और इस बार असम के लोग भाजपा-एनडीए गठबंधन पर अपना भरोसा फिर से जताने के लिए तैयार हैं। पीएम मोदी ने दावा किया कि इस तरह से असम में भाजपा की हैट्रिक पक्की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने धेमाजी में उन्होंने कहा, "असम के चुनाव की घोषणा के बाद यह मेरी पहली जनसभा है। सामने यह जनसमुद्र, युवाओं का उत्साह और बहनों-बेटियों का आशीर्वाद इस बात का संकेत है कि इस बार हैट्रिक पक्की है।" उन्होंने कहा, "आपके आशीर्वाद से मुझे प्रधानमंत्री के रूप में हैट्रिक बनाने का अवसर मिला। अब इस मैदान में भी हैट्रिक लगाने का अवसर मिला है। और आपके आशीर्वाद से असम में सरकार भी हैट्रिक बनाएगी।"
उन्होंने यह भी बताया कि पहले सर्वानंद सोनोवाल और फिर हिमंता विश्व शर्मा के नेतृत्व में असम ने बीते 10 वर्षों में सेवा और सुशासन का नया दौर देखा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह चुनाव "विकसित असम से विकसित भारत" बनाने का चुनाव है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की पराजय भी तय है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "असम भाजपा ने कल एक शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। यह मंगल लाने वाला पत्र है। बेटियों का मान-सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। असम में UCC लागू करना और आदिवासी समाज तथा छठी अनुसूची क्षेत्रों की परंपराओं को सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है। भाजपा जो कहती है, वह करके दिखाती है।"
पीएम मोदी ने कहा कि असम को प्रकृति ने बहुत कुछ दिया है और संसाधनों की कभी कमी नहीं रही। लेकिन कांग्रेस ने सत्ता के लिए असम के समाज को बांटा और ब्रह्मपुत्र के दो किनारों को जोड़ने में विफल रही। कांग्रेस के शासन में 60-65 साल में ब्रह्मपुत्र पर सिर्फ 3 पुल बने, जबकि डबल इंजन सरकार ने 10-11 वर्षों में 5 बड़े पुल पूरे किए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता असम में "खतरनाक कानून" बनाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2014 के चुनाव से पहले कांग्रेस की केंद्र सरकार ने कम्यूनल वायलेंस कानून बनाने का प्रयास किया था, जिसका उद्देश्य अपने वोटबैंक का तुष्टिकरण था। इस बिल में बहुसंख्यकों को दंगे का जिम्मेदार और अल्पसंख्यकों को पीड़ित बताया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा-एनडीए ने इसे संसद में बनने नहीं दिया, लेकिन अब कांग्रेस असम में उसी तरह का कानून बनाने की घोषणा कर रही है।