

Himanta Biswa Sarma Sankalp Patra: गुवाहाटी की सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपना 'संकल्प पत्र' जारी कर चुनावी रणभेरी फूंक दी है। यह केवल एक राजनीतिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि राज्य के भविष्य को लेकर तैयार किया गया एक व्यापक खाका बताया जा रहा है, पार्टी की मानें तो इसे तैयार करने में असम की जनता से मिले करीब 2.45 लाख सुझावों को शामिल किया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में जारी किए गए इस घोषणापत्र में राज्य को 'सुरक्षित और विकसित' बनाने का संकल्प लिया गया है। यह संकल्प पत्र उनके जीवन की बुनियादी जरूरतों जैसे शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा से सीधे जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। अब जानिए इस घोषणा पत्र की कुछ बड़ी बातें।
भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में सबसे बड़ा दांव समान नागरिक संहिता (UCC) पर खेला है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि असम में यूसीसी लागू की जाएगी, हालांकि इसमें छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले इलाकों और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को बाहर रखा जाएगा। युवाओं के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि अगले पांच वर्षों में राज्य में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव के लिए 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज, एक यूनिवर्सिटी और एक इंजीनियरिंग कॉलेज' बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पेश की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब असम के प्रतिभाशाली युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए अपने घर और जिले से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
असम के लोगों के लिए हर साल आने वाली बाढ़ एक अभिशाप की तरह रही है, जिससे निपटने के लिए भाजपा ने इस बार 'बाढ़-मुक्त असम' का ठोस रोडमैप पेश किया है। सरकार बनने के शुरुआती दो वर्षों में ही इस दिशा में 18,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, सामाजिक सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए 'लव जिहाद' और 'जमीन जिहाद' के खिलाफ सख्त कानून बनाने का वादा किया गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाते हुए उन्हें वित्तीय सहायता देने का संकेत दिया है, जिससे ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
विकास की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'डबल इंजन' सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में राज्य की जीडीपी 2.24 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.41 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जो करीब 3.3 गुना की बढ़ोतरी है। पिछले शासनकालों की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जहां 50 साल में ब्रह्मपुत्र पर केवल तीन पुल बने थे, वहीं भाजपा सरकार ने 10 साल में नौ पुल बना दिए हैं और पांच और पर काम चल रहा है।
वित्त मंत्री की मानें तो सबसे खास बात यह है कि चाय बागानों में काम करने वाले 4.5 लाख मजदूर परिवारों को पहली बार जमीन का मालिकाना हक दिया गया है। यह कदम सदियों से उपेक्षित रहे इन परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान लेकर आएगा।
आर्थिक मोर्चे पर भाजपा ने असम में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है, ताकि राज्य को देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया जा सके। रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जिससे व्यापार और यातायात सुगम होगा। असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा जहां तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।