ममता बनर्जी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mamata Banerjee LPG Statement: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में तैयार एलपीजी को तब तक राज्य से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए, जब तक कि एलपीजी सप्लाई को लेकर चल रहा मौजूदा संकट हल नहीं हो जाता। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा पश्चिम बंगाल से दूसरे राज्यों में नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले, बदलाव और डेपुटेशन के बाद, इस बात की पूरी संभावना है कि राज्य में बनने वाली एलपीजी की सप्लाई राज्य से बाहर कर दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि मौजूदा संकट के दौर में, किसी भी हाल में पश्चिम बंगाल में बनने वाली एलपीजी राज्य से बाहर नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले, बदलाव और डेपुटेशन की वजह से ऐसा होने की आशंका बनी हुई है। साथ ही, विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव अधिकारी और सीएपीएफ के जवान भी बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल आएंगे। राज्य के लोगों को खाना पकाने के लिए मिलने वाली एलपीजी की सप्लाई में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईसीआई पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हफ्ते की शुरुआत में जारी की गई पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट में से कई वोटरों के नाम कथित तौर पर हटा दिए गए हैं। यह लिस्ट उन मामलों की थी जिन्हें न्यायिक निपटारे के लिए भेजा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने का आदेश दिया था। उनका दावा है कि पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी कर दी गई है। लेकिन हमें अभी तक उनकी हार्ड कॉपी नहीं मिली है। यह लोकतंत्र की हत्या है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन लोग इन सब के लिए जिम्मेदार लोगों से स्पष्टीकरण मांगेंगे।
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सीएम ने सवाल किया कि अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें पारदर्शी तरीके से अपना नाम मतदाता सूची से हटवाना चाहिए। लोगों को पता चलना चाहिए कि उनका नाम सूची में है या नहीं। हर जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए एक न्यायाधिकरण होना चाहिए। क्या यह देश भाजपा की निजी संपत्ति है?