इंटरनल सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे, आंकड़े बयां कर रहे बीजेपी-कांग्रेस का प्रेशर गेम
राज्य की दो प्रमुख सियासी पार्टियां इंटरनल सर्वे का प्रेशर गेम खेलती नजर आ रही है। महायुति में शामिल बीजेपी ने अपने सर्वे में सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार) के साफ होने की आशंका व्यक्त की है तो वहीं कांग्रेस ने अपने सर्वे में 85 सीटों को चिन्हित करके यह दावा किया है।
- Written By: आकाश मसने
(डिजाइन फोटो)
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में दोनों सियासी गठबंधनों में शामिल घटक दलों के बीच सीएम पद को लेकर घमासान मचा है। ‘जिसके ज्यादा विधायक उसका सीएम’ के फार्मूले के तहत चुनावी तैयारियों में जुटी सियासी पार्टियां ज्यादा विधायक के लिए गठबंधन में ज्यादा से ज्यादा सीटें हथियाने का प्रयास कर रही हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत राज्य की दो प्रमुख सियासी पार्टियां इंटरनल सर्वे का प्रेशर गेम खेलती नजर आ रही है। महायुति में शामिल बीजेपी ने अपने सर्वे में सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार) के साफ होने की आशंका व्यक्त की है तो वहीं कांग्रेस ने अपने सर्वे में 85 सीटों को चिन्हित करके यह दावा किया है कि इन सीटों पर माहौल कांग्रेस के अनुकूल है और यहां कांग्रेसी उम्मीदवारों की जीत तय है।
राज्य की कुल 288 विधानसभा सीटों में से 160 सीटों पर बीजेपी चुनाव लड़ने की तैयारी में है। बीजेपी की महाराष्ट्र कोर कमेटी ने अपनी तैयारी और इच्छाओं से रविवार को दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी अवगत करा दिया है।
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बताया जा रहा है कि शाह ने बीजेपी को अपने दम पर 125 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया है। दूसरी तरफ शिवसेना (शिंदे गुट) 80 से 90 सीटों की मांग कर रहा है। शिंदे गुट के मंत्री अब्दुल सत्तार दो कदम आगे बढ़कर दावा करते है कि हमें 100 सीटें मिलनी चाहिए। उसमें से 80 सीटें हम जीत कर दिखाएंगे।
इंटरनल सर्वे में एकला चलो
सूत्रों की मानें तो बीजेपी के इंटरनल सर्वे में यह दावा किया गया है कि शिवसेना (शिंदे गुट) एनसीपी (अजित पवार) के साथ महायुति बनाकर चुनाव लड़ने पर बीजेपी अधिकतम 62 से 67 सीटें जीत सकती है। जबकि अजित गुट 7 से 11 और शिवसेना (शिंदे गुट) 17 से 22 सीटों पर जीत मिल सकती है।
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जबकि पिछले चुनाव के परिणामों से यह साफ हो जाता है कि गठबंधन से बीजेपी को नुकसान हुआ है। क्योंकि पार्टी पूरे राज्य में अपना विस्तार नहीं कर पाती है, ऐसा 2019 में और 2014 से पहले देखने को मिला था जबकि 2014 में बीजेपी ने अपने दम 260 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे जिनमें से 122 जीते थे जबकि 60 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार दूसरे और 55 सीटों पर तीसरे नंबर पर थे।
लोकसभा के परिणाम से कांग्रेस उत्साहित
दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरने के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं। कांग्रेस विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार लड़ाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने दावा किया है कि लगभग 150 सीटों पर कराए गए पार्टी के सर्वे में 85 सीटें पार्टी के अनुकूल हैं। यहां कांग्रेस के उम्मीदवार अवश्य जीतेंगे।
विधानसभा में लोकसभा जैसे परिणाम
जबकि बाहरी सर्वेक्षणों में लगातार बीजेपी नीत महायुति की हालत पतली दर्शाई जा रही है। मंगलवार को एक और एजेंसी ने दावा किया कि उसके सर्वे में महायुति अधिकतम 115 से 128 सीटें ही जीत पाएगी जबकि विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी 141 से 154 सीटें जीत सकती है। इसी तरह 5 से 18 सीटें अन्य के खाते में जा सकती हैं।
