Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

केरलम की ‘रॉकस्टार’ मंत्री जिसने दुनिया को झुकाया, जानिए शैलजा टीचर के फर्श से अर्श तक की अनकही दास्तां

K K Shailaja Biography: शैलजा टीचर ने एक साधारण शिक्षिका से केरलम की स्वास्थ्य मंत्री तक का सफर तय किया। कोरोना और निपाह संकट में उनके बेमिसाल नेतृत्व ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई। जानें और बहुत कुछ-

  • Written By: प्रतीक पांडेय
Updated On: Apr 05, 2026 | 02:03 PM

शैलजा टीचर, फोटो- सोशल मीडिया

Follow Us
Close
Follow Us:

Kerala Assembly Election 2026: केरलम की राजनीति में एक ऐसा नाम है जो सत्ता की चमक-धमक से दूर, अपनी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दुनिया भर में मिसाल बन गया है। हम बात कर रहे हैं के. के. शैलजा की, जिन्हें लोग प्यार और सम्मान से ‘शैलजा टीचर’ कहकर पुकारते हैं।

20 नवंबर 1956 को कन्नूर के मट्टनूर में जन्मी शैलजा का जीवन एक साधारण महिला के असाधारण साहस की कहानी है। एक आम नागरिक के लिए उनकी कहानी यह सिखाती है कि कैसे एक छोटे से गांव की शिक्षिका अपने फौलादी इरादों से वैश्विक महामारी के सामने ढाल बनकर खड़ी हो सकती है। आज भले ही वे कैबिनेट का हिस्सा न हों, लेकिन केरलम के स्वास्थ्य ढांचे में उनके द्वारा किए गए सुधारों का असर आज भी हर घर में महसूस किया जाता है।

ब्लैकबोर्ड और चाक से शुरू हुआ सेवा का संकल्प

शैलजा टीचर का राजनीति में आना कोई इत्तेफाक नहीं था। उनके परिवार की जड़ें वामपंथी विचारधारा और समाज सेवा में बहुत गहरी थीं। वे अपनी दादी एम. के. कल्याणी से बहुत प्रभावित थीं, जो छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ती थीं और चेचक जैसी बीमारियों के दौरान मरीजों की सेवा करती थीं। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, शैलजा ने करीब 23 वर्षों तक शिवपुरम हाई स्कूल में फिजिक्स की टीचर के रूप में काम किया।

सम्बंधित ख़बरें

असम की सियासत का वो ‘राजपुत्र’ जिसने पिता की विरासत को दी नई ऊंचाई, देवव्रत सैकिया के संघर्ष की पूरी कहानी

मेरा ‘बब्बर शेर’ हिमंता को डालेगा जेल में…राहुल गांधी ने बताया सबसे भ्रष्ट, बोले- दिल्ली से चल रही सरकार

दागी चेहरे और अरबों की संपत्ति: केरलम चुनाव में करोड़पतियों का लगा मेला, ADR रिपोर्ट का वो सच जो आपको हिला देगा

चुनाव 2026: ‘वोट नहीं दिया तो बेगाने हो जाएंगे?’ पहचान बचाने को ट्रेनों में ठूसकर घर जाने को मजबूर लाखों मजदूर

अब आता है साल 2004, जब उन्होंने अपने पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लिया ताकि वे अपना पूरा समय राजनीति और जनसेवा को दे सकें। एक शिक्षक के रूप में उनका अनुभव ही था जिसने उन्हें समस्याओं को गहराई से समझने और बहुत ही धैर्य के साथ उनका समाधान निकालने की ताकत दी।

दुनिया ने माना लोहा, जब मिला कोरोना स्लेयर का खिताब

शैलजा टीचर की असली परीक्षा तब शुरू हुई जब 2016 में उन्हें केरलम का स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। 2018 में जब केरलम पर ‘निपाह’ वायरस का खतरा मंडराया, तो उन्होंने जिस मुस्तैदी से स्थिति को संभाला, उसने सबको हैरान कर दिया। लेकिन उनकी नेतृत्व क्षमता का असली लोहा दुनिया ने तब माना जब 2020 में कोविड-19 महामारी ने दस्तक दी।

उनके सटीक फैसलों, ट्रेसिंग और आइसोलेशन की रणनीतियों के कारण केरलम ने संक्रमण की पहली लहर को बहुत प्रभावी ढंग से रोका। ‘द गार्जियन’ ने उन्हें “कोरोनावायरस स्लेयर” और “रॉकस्टार हेल्थ मिनिस्टर” की उपाधि दी। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया और ‘प्रोस्पेक्ट’ मैगजीन ने उन्हें 2020 का दुनिया का ‘टॉप थिंकर’ चुना। यह एक भारतीय महिला के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान की बहुत बड़ी बात थी।

रिकॉर्ड जीत के बाद वो फैसला जिसने सबको चौंकाया

साल 2021 के केरलम विधानसभा चुनाव में शैलजा टीचर ने मट्टनूर निर्वाचन क्षेत्र से जीत का एक ऐसा कीर्तिमान रचा जो केरलम के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा मार्जिन है; उन्होंने 60,963 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इतनी अपार लोकप्रियता और शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के बावजूद, उन्हें मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की दूसरी कैबिनेट में जगह नहीं दी गई।

यह भी पढ़ें: असम की सियासत का वो ‘राजपुत्र’ जिसने पिता की विरासत को दी नई ऊंचाई, देवव्रत सैकिया के संघर्ष की पूरी कहानी

इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर काफी विवाद पैदा किया, क्योंकि उनके समर्थक उन्हें दोबारा स्वास्थ्य मंत्री के रूप में देखना चाहते थे। हालांकि, एक अनुशासित सिपाही की तरह उन्होंने पार्टी के फैसले को स्वीकार किया।

शैलजा को किस चीज ने बनाया खास?

शैलजा टीचर की सादगी उनके बैंक बैलेंस और जीवनशैली में भी दिखती है। हलफनामे के अनुसार उनकी कुल नेट वर्थ करीब 61 लाख रुपये है। राजनीति के व्यस्त जीवन के बीच भी उनका पढ़ने-लिखने का शौक कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने ‘इंडियन वर्तमानवुम स्त्री समूहनवुम’ और ‘चीन- राष्ट्रम, राष्ट्रम, काजचाकल’ जैसी किताबें लिखी हैं। ये बातें उनको प्रशंसकों के बीच में और खास बनाती हैं।

Kk shailaja biography kerala health minister covid success story assembly elections 2026

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 05, 2026 | 02:03 PM

Topics:  

  • Assembly Election 2026
  • Kerala
  • Keralam Assembly Election

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.