

Keralam Assembly Election Results Latest Updates: केरलम की 140 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव के बाद आज यानी 4 मई 2026 को जनादेश की घड़ी आ गई है। राज्य भर में मतगणना की सभी तैयारियां पूरी करने के बाद मतगणना शुरू हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) रतन यू केलकर ने बताया है कि राज्य के सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 43 निर्धारित स्थानों पर सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गयी है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जा रही है। उसके 30 मिनट के बाद EVM के मतों की गिनती की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इस बार पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। चरण-वार मतगणना के आंकड़े निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन और वेब पोर्टल पर तुरंत अपडेट किए जाएंगे, जिससे आम जनता और उम्मीदवार सटीक स्थिति जान सकेंगे।
इस बार केरलम में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सेवा मतदाताओं के डाक मतपत्रों को शामिल करने के बाद मतदान का कुल प्रतिशत बढ़कर लगभग 79.70 प्रतिशत हो गया है। इससे पहले, सेवा मतदाताओं के बिना यह आंकड़ा 79.63 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सेवा क्षेत्र के मतदाताओं को कुल 53,984 डाक मतपत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 1 मई तक 20,028 मतपत्र प्राप्त हो चुके थे। डाक विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि मतगणना शुरू होने से पहले तक प्राप्त होने वाले सभी मतपत्रों को बिना किसी देरी के संबंधित निर्वाचन अधिकारियों तक पहुंचाया जाए।
नतीजों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए केरलम पुलिस और केंद्रीय बलों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। केरलम के पुलिस महानिदेशक (DGP) रावाड़ा ए. चंद्रशेखर ने बताया कि मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को त्रि-स्तरीय बनाया गया है। जिसमें मतगणना केंद्रों के भीतर CAPF और बाहरी घेरे में राज्य पुलिस की तैनाती रहेगी।
संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके अलावा, पहली बार मतगणना केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सुरक्षा केवल केंद्रों तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे राज्य में संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई है।