

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए आज यानी बुधवार को मतदान होगा। इस चरण में केंद्र शासित प्रदेश की 26 सीटों पर मतदान होगा। दूसरे चरण के चुनाव में करीब 26 लाख मतदाता अपने वोट डालकर मैदान में खड़े 239 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, भाजपा के रवींद्र रैना समेत कई उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है।
राज्य में मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू होगी और शाम 6 बजे खत्म होगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला दो सीटों से मैदान में हैं। दो सीटों में से एक गांदरबल है जहां से वह विधायक भी रह चुके हैं जबकि दूसरी सीट बडगाम है। गांदरबल सीट पर फिर से कब्जा जमाने के लिए उमर अब्दुल्ला के सामने कड़ी चुनौती है।
गांदरबल सीट अब्दुल्ला की पारिवारिक सीट मानी जाती है। इस सीट से उनके दादा शेख अब्दुल्ला और पिता फारूक अब्दुल्ला भी विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं और जीत चुके हैं। माना जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर मिली हार ने उमर अब्दुल्ला की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर सवालिया निशान लगा दिया है। यही वजह है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपने लिए दो सीटें चुनी हैं।
गांदरबल सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला का मुकाबला पीडीपी के बशीर अहमद मीर से है। 2008 के विधानसभा चुनाव में उमर ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। 2014 में इस सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के इश्फाक अहमद शेख ने जीत दर्ज की थी। बडगाम दूसरी सीट है जहां से उमर अब्दुल्ला मैदान में हैं। यहां पीडीपी ने आगा सईद मुंतजिर मेहदी को मैदान में उतारा है। इस सीट पर मेहदी परिवार का काफी प्रभाव माना जाता है. 2008 और 2014 के चुनाव में इस सीट से एनसी उम्मीदवार आगा सईद रूहुल्लाह मेहदी ने जीत दर्ज की थी। यहां भी कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।
इसके अलावा नौशेरा भी सेंकेंड पेज की हॉट सीटों में से एक है। बीजेपी ने यहां से रविंदर रैना को मैदान में उतारा है, जिनका मुकाबला पीडीपी के हक नवाज से है। 2014 के चुनाव में रविंदर रैना ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी, जबकि 2008 के चुनाव में यह सीट नेशनल कॉन्फ्रेंस के खाते में गई थी और राधेश्याम शर्मा ने जीत दर्ज की थी।
इसके अलावा, पुछ हवेली सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार एजाज अहमद जान का मुकाबला पीडीपी के शमीम अहमद से है। 2014 के चुनाव में एजाज यहां से चुनाव हार गए थे, जबकि इस बार पीडीपी ने इस सीट से नया चेहरा उतारा है। ऐसे में इस बार एजाज अहमद जान की उम्मीदें बरकरार दिखाई दे रही हैं।