मायावती का हाथी हुआ पस्त: बंगाल से तमिलनाडु तक बसपा का सूपड़ा साफ, क्या खत्म हो रहा है दलित राजनीति का दौर
Assembly Election Results 2026: केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बीएसपी ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे, लेकिन उनको करारी शिकस्त मिली। इन 3 राज्यों में पार्टी का वोट प्रतिशत 1% से भी कम रहा।
- Written By: अमन मौर्या
मायावती (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
BSP Election Results 2026: एक केंद्र शासित प्रदेश और 4 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को आ गए। 5 विधानसभा चुनावों में से 3 राज्यों में सत्ता परिवर्तन हुआ है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार राज्य में सत्ता का स्वाद चखा। इसी प्रकार तमिलनाडु में DMK और AIADMK जैसी पुरानी राजनीतिक पार्टियों को राज्य की जनता ने सिरे से नकार दिया और 2 साल पहले ही आस्तित्व में आई नई नवेली पार्टी TVK को सत्ता की चाबी सौंपी। इन विधानसभा चुनावों में उत्तर भारत की बहुजन समाज पार्टी ने भी हाथ अजमाया।
केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बीएसपी ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे, लेकिन उनको करारी शिकस्त मिली। इन 3 राज्यों में पार्टी का कुल वोट प्रतिशत 1% से भी कम रहा। बता दें कि BSP इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों में पार्टी का जनाधार तेजी से कम हो रहा है।
संगठन विस्तार पर दिया जोर
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी ने पिछले कुछ वर्षों में इन तीन राज्यों में संगठन विस्तार पर काफी जोर दिया। पार्टी दक्षिण में अपने पैर जमाने की कोशिश में है। इस दौरान राज्य में दलित वोटों के साथ अल्पसंख्यक वोटों को पार्टी से जोड़ने की कोशिश की गई। इसके बावजूद पार्टी को चुनावी सफलता नहीं मिली। इस दौरान पार्टी प्रमुख मायावती ने चुनाव प्रचार से दूरी बनाए रखी।
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निराशाजनक प्रदर्शन जारी
पिछले कुछ समय से पार्टी के संगठन को मजबूत करने, दलित-मुस्लिम आधार मजबूत करने के साथ पार्टी में युवा चेहरा आकाश आनंद को आगे बढ़ाने की रणनीति में पार्टी मुखिया मायावती लगातार प्रयास कर रहीं हैं, जिसमें लगातार असफलता ही मिली है। तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों में पार्टी की रणनीति बुरी तरीके से फेल हुई है। चुनाव के दौरान बीएसपी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ सहित अन्य कई वरिष्ठ नेताओं द्वारा जमकर प्रचार किया गया, लेकिन नतीजे निराशाजनक रहे।
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सिमट रहा जनाधार
बंगाल चुनाव में प्रचार के दौरान आकाश आनंद की रैली में अच्छी खासी भीड़ भी जुटती थी, इसके बावजूद पार्टी का खाता नहीं खुला। इन राज्यों में BSP का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी को 0.18 प्रतिशत, तमिलनाडु में 0.11 प्रतिशत जबकि केरल में 0.15 प्रतिशत वोट ही प्राप्त हुए।
पिछले साल बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में बीएसपी ने 1 सीट पर जीत दर्ज की थी। इससे पार्टी को कामयाबी की उम्मीद जगी थी, लेकिन पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल, तमिलनाडुऔर केरलम में हार का सामना करना पड़ा।
