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West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में सियासी तापमान अपने चरम पर है। जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, राजनीतिक दलों के बीच शह और मात का खेल भी तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को और धार देते हुए 13 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी कर दी है। यह केवल नामों का ऐलान नहीं है, बल्कि उन सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की एक सधी हुई कोशिश है, जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए अब मोर्चेबंदी पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।
बीजेपी की इस चौथी सूची में सबसे अधिक चर्चा सोमा ठाकुर की हो रही है। पार्टी ने उन्हें उत्तर 24 परगना जिले की बागदा विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है। सोमा ठाकुर केवल एक उम्मीदवार नहीं हैं, बल्कि वे केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर की पत्नी भी हैं। उन्हें टिकट देकर भाजपा ने उस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाए रखने की कोशिश की है, जहाँ मतुआ समुदाय और ठाकुर बाड़ी का बड़ा सामाजिक असर माना जाता है। गौरतलब है कि इस सूची में सोमा ठाकुर इकलौती महिला उम्मीदवार हैं, जो यह दर्शाता है कि पार्टी ने जिताऊ उम्मीदवारों के चयन में पारिवारिक पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय समीकरणों को काफी महत्व दिया है।
राजनीति में बदलाव की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है और इसका ताजा उदाहरण मयनागुड़ी (अनुसूचित जाति) सुरक्षित सीट पर देखने को मिला है। भाजपा ने अपनी इस नई सूची के माध्यम से मयनागुड़ी सीट पर पहले घोषित किए गए उम्मीदवार को बदल दिया है। अब इस महत्वपूर्ण सीट से भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में दालिम रॉय चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। पार्टी के इस रणनीतिक कदम ने न केवल विपक्ष बल्कि स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी नई चर्चा शुरू कर दी है। इसके साथ ही, कोलकाता की चौरंगी विधानसभा सीट से संतोष पाठक को उम्मीदवार बनाया गया है, जो हाल ही में कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं।
बीजेपी ने अपनी इस नई फेहरिस्त में अनुभवी और नए चेहरों का एक मिश्रण पेश किया है। हावड़ा दक्षिण से श्यामल हाती और सोनारपुर उत्तर से देबाशीष धर (पाठक) को टिकट दिया गया है, जो क्षेत्र में अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा, सिताई से आशुतोष वर्मा, नाटाबाड़ी से गिरिजा शंकर रॉय और फालटा से देबांगशु पांडा जैसे उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा गया है। भाजपा इससे पहले भी तीन सूचियों के माध्यम से क्रमशः 144, 111 और 19 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। बंगाल की 294 सीटों पर कब्जा करने के लिए भाजपा अब तक के अपने सबसे बड़े चुनावी अभियान में जुटी हुई है।
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पश्चिम बंगाल की जनता के लिए यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन 68 अनुसूचित जाति और 16 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों के भाग्य का भी फैसला करेगा, जिन पर भाजपा ने विशेष ध्यान केंद्रित किया है। राज्य में साल 2011 से ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी की सरकार है, और अब दो चरणों में होने वाली वोटिंग यह तय करेगी कि बंगाल के भविष्य की कमान किसके हाथों में होगी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी यह लिस्ट साफ करती है कि पार्टी हर एक सीट पर कड़ा मुकाबला देने की तैयारी में है।