बैग की जांच को लेकर ध्यान भटका रही शिवसेना यूबीटी, देवेंद्र फडणवीस बोले- वोट मांगने का निकाला नया तरीका

हाल ही में नेताओं के बैग और कार चेकिंग को लेकर सियासी माहौल गरम है। इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे चुनाव अधिकारियों द्वारा उनके ‘बैग' की जांच किए जाने का विरोध कर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
‘बैग' की जांच कोई मुद्दा नहीं, केवल उद्धव की वोट मांगने की तिकड़म: फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-एक्स)
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ठाणे: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया था। चुनाव आयोग ने कहा कि सिर्फ विपक्ष के नेताओं के गाड़ियों की ही जांच की जाती है और सरकार के किसी गाड़ियों की चेकिंग क्यों नहीं की जाती।

इस पर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे चुनाव अधिकारियों द्वारा उनके ‘बैग' की जांच किए जाने का अनावश्यक रूप से विरोध कर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं और ‘‘यह और कुछ नहीं केवल वोट मांगने की उनकी तिकड़म है।''

बैग की जांच में क्या है गलत

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ‘बैग' की जांच में क्या गलत है? विधानसभा चुनाव के लिए फडणवीस ने मंगलवार को ठाणे जिले के कल्याण पूर्व में सत्तारूढ़ महायुति की उम्मीदवार सुलभा गणपत गायकवाड़ के लिए प्रचार करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा ‘‘ठाकरे की हताशा दिख रही है। ‘बैग' की जांच में क्या गलत है? प्रचार के दौरान हमारे ‘बैग' की भी जांच की गई और इसमें इतना हताश होने की कोई जरूरत नहीं है।'' फडणवीस ने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों के अभाव के कारण ठाकरे अब इस तरह की बातें कर वोट मांग रहे हैं।

लाडकी बहिन को लेकर पहुंचे उच्च न्यायालय

ठाकरे ने दावा किया था कि मंगलवार को लातूर जिले में प्रचार के लिए पहुंचने पर चुनाव अधिकारियों ने उनके ‘बैग' की जांच की। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री के दल ने सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी साझा किया था।

वहीं फडणवीस ने विपक्षी महा विकास आघाड़ी गठबंधन पर ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन (मेरी प्यारी बहन) योजना' को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि उसके कुछ सहयोगी इस योजना के खिलाफ उच्च न्यायालय पहुंच गए हैं।

उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘जब उद्धव ठाकरे की सरकार सत्ता में थी, तब महाराष्ट्र का औद्योगिक क्षेत्र पिछड़ रहा था। अब हमारी सरकार के कार्यकाल में महाराष्ट्र ने कर्नाटक तथा गुजरात को पीछे छोड़ दिया है। इस साल देश में हुए कुल औद्योगिक निवेश में से 52 प्रतिशत महाराष्ट्र में किया गया। ''

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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