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Assembly Elections Update: देश के पांच राज्यों- असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखों के एलान के साथ ही सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। अब यह केवल रैलियों और नारों का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के भविष्य और आम नागरिक की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाले फैसलों का मुकाबला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने अब खुद कमान संभाल ली है, जिससे विपक्षी खेमों में हलचल बढ़ गई है। एक तरफ विकास के दावे हैं, तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जिनके बीच जनता को अपना फैसला सुनाना है। जानिए क्या है पीएम मोदी और अमित शाह का चुनावी प्रोग्राम।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा इस बार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री 5 अप्रैल को उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार से अपने अभियान का औपचारिक आगाज करेंगे। रणनीतिक रूप से यह दौरा बेहद अहम है क्योंकि उत्तर बंगाल भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है और पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को इसी क्षेत्र की सीटों पर होना है।
प्रधानमंत्री का लक्ष्य शुरुआती दौर में ही एक ऐसी लहर पैदा करना है जो पूरे राज्य में पार्टी के पक्ष में माहौल बना सके। 5 अप्रैल के बाद वे दक्षिण बंगाल की ओर रुख करेंगे, जहाँ 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बंगाल और असम दोनों ही राज्यों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शनिवार को कोलकाता में वे ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ एक व्यापक “चार्जशीट” पेश करने वाले हैं। बताया जा राह है कि लगभग 35 से 40 पन्नों के इस दस्तावेज में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के दौरान हुए कथित घोटालों का ब्यौरा दिया गया है। इसमें राशन वितरण, शिक्षक भर्ती, मनरेगा के फर्जी जॉब कार्ड और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों जैसे 14 प्रमुख क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है।
भाजपा की कोशिश है कि इस बार के चुनाव को “भ्रष्टाचार बनाम विकास” के नैरेटिव पर लड़ा जाए। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सीआरपीएफ जवानों को कथित रूप से धमकाने के मामले ने भी तूल पकड़ लिया है, जिस पर चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब की है।
असम में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अमित शाह शनिवार को ही गुवाहाटी में भाजपा उम्मीदवार विजय गुप्ता के समर्थन में एक भव्य रोड शो करेंगे। इसके बाद वे सोनितपुर और नलबाड़ी जिलों में रैलियों को संबोधित करेंगे। असम में नामांकन वापसी के बाद अब 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में डटे हैं।
वहीं, केरल में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और राहुल गांधी के बीच “भाजपा की बी-टीम” होने को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। विजयन ने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए उन्हें अनुभवहीन करार दिया है। दूसरी ओर, तमिलनाडु में डीएमके ने एआईएडीएमके पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि उन्होंने भाजपा को राज्य में जरूरत से ज्यादा जगह देकर अपनी पार्टी का भविष्य खतरे में डाल दिया है।
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विपक्षी दल कांग्रेस ने भी चारों राज्यों के लिए अपने 40 ‘स्टार प्रचारकों’ की फौज उतार दी है। इसमें मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे दिग्गज शामिल हैं। पार्टी का लक्ष्य इस बार कम से कम 2 से 3 राज्यों में सत्ता में वापसी कर अपनी खोई हुई साख को फिर से स्थापित करना है। चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए बंगाल पुलिस को लंबित वारंटों को 10 दिन में तामील करने का निर्देश दिया है।