केरल के रण में राहुल की एंट्री कब? कोझिकोड के समंदर से करेंगे चुनाव का शंखनाद, मैदान में दिखेंगे ये दिग्गज

Kerala Election 2026: राहुल गांधी 25 मार्च को कोझिकोड से केरल चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। यूडीएफ के 'गारंटी कार्ड' और प्रियंका गांधी के साथ मिलकर वे वामपंथी किले को ढहाने की तैयारी में हैं।
rahul gandhi kerala assembly election
राहुल गांधी, फोटो- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Rahul Gandhi Kerala Election 2026: दक्षिण भारत की राजनीति का केंद्र माने जाने वाले केरल में चुनावी बिसात बिछ चुकी है और अब दिग्गजों की सीधी एंट्री होने जा रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी आगामी 25 मार्च को कोझिकोड में एक विशाल जनसभा के जरिए यूडीएफ (UDF) के अभियान का बिगुल फूंकेंगे।

यह केवल एक चुनावी रैली नहीं है, बल्कि उस व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत है जो केरल की 140 विधानसभा सीटों की किस्मत तय करने वाला है। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होना है, और ऐसे में राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

कोझिकोड के तट से राहुल भरेंगे हुंकार

केरल की राजनीति में कोझिकोड हमेशा से एक रणनीतिक केंद्र रहा है, और यही वजह है कि कांग्रेस ने अपने अभियान की शुरुआत के लिए इस स्थान को चुना है। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष रमेश चेन्निथला ने जानकारी दी है कि 25 मार्च की शाम को कोझिकोड बीच पर एक भव्य रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली का मुख्य आकर्षण राहुल गांधी द्वारा पेश किया जाने वाला 'गारंटी कार्ड' होगा। कांग्रेस इस कार्ड के जरिए मतदाताओं से कुछ ठोस वादे करने जा रही है, जो सीधे तौर पर लोगों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े होंगे। राहुल गांधी न केवल इन वादों पर विस्तार से बात करेंगे, बल्कि वे राज्यभर में ताबड़तोड़ दौरे कर यूडीएफ के पक्ष में लहर बनाने की कोशिश करेंगे।

क्या कहता है केरल का सियासी गणित

केरल का यह चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ता दिख रहा है, जहा हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है। वर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में सीपीआई(एम) की अगुवाई वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) लगातार तीसरी बार सत्ता में आकर इतिहास रचने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस नीत यूडीएफ के हौसले बुलंद हैं, क्योंकि हाल ही में दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर वामपंथी दलों को बड़ा झटका दिया था। इस बीच भारतीय जनता पार्टी भी अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में है। वर्तमान में विधानसभा में भाजपा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, लेकिन इस बार पार्टी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाए बैठी है।

प्रियंका गांधी और दिग्गजों की फौज

कांग्रेस ने इस बार केरल जीतने के लिए अपने सबसे बड़े चेहरों की फौज उतारने का फैसला किया है। राहुल गांधी के साथ-साथ उनकी बहन और वायनाड से जुड़ीं प्रियंका गांधी भी राज्यभर में व्यापक चुनाव प्रचार करेंगी, जिससे पार्टी के अभियान को और अधिक गति मिलने की संभावना है। हालांकि सोनिया गांधी के प्रचार में उतरने को लेकर अभी संशय बना हुआ है, लेकिन उन्होंने अक्टूबर 2024 में वायनाड उपचुनाव के दौरान एक दशक बाद रैली कर सबको चौंका दिया था।

कांग्रेस की रणनीति केवल स्थानीय चेहरों तक सीमित नहीं है। पार्टी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी जैसे भारी भरकम नेताओं को भी प्रचार के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा सचिन पायलट जैसे युवा और राष्ट्रीय स्तर के नेता भी केरल की गलियों में यूडीएफ के लिए वोट मांगते नजर आएंगे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com