Vijay Goel On Delhi Sewer Issue: दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने एमसीडी और दिल्ली सरकार के अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि सफाई, सीवर, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान में अफसर विफल हैं।
विजय गोयल का कहना है कि सांसद, विधायक और पार्षद अधिकारियों से काम कराने के लिए गलियों और सड़कों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन फिर भी जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दावा किया कि केंद्र के सहयोग से दिल्ली की वर्षों पुरानी पानी और सीवर संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
बीजेपी नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने दिल्ली में अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'क्या विडम्बना है एमसीडी और सरकार के अफसर काम नहीं कर रहे और सांसद, एमएलए और कॉरपोरेटर उनसे काम करने के लिए गलियों सड़कों के धक्के खा रहे हैं।
कहीं से कूड़ा उठवा देते हैं, तो लगता है बहुत बड़ा काम करवा लिया। ये नहीं देखते इन अफसरों के होते हुए कूड़ा होना ही क्यों था। नाली खड़ंजा सड़क सीवर बिजली पानी की समस्याओं पर चुने हुए प्रतिनिधि इन अफसरों से गिड़गिड़ाते हैं। फिर भी काम नहीं होते। फिर जनता को कौन पूछ रहा है।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि देश की राजधानी अब सक्षम नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली सरकार रणनीतिक योजना के तहत वर्षों पुरानी समस्याओं का लगातार समाधान कर रही है।'
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में सीवेज और पेयजल की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी चुनौती रही है।
उनके अनुसार, राजधानी का लगभग आधा हिस्सा अब तक नियमित पानी के कनेक्शन से वंचित था, जबकि कई इलाकों में 50 साल पुरानी सीवर लाइनें परेशानी का कारण बनी हुई थीं।
रेखा गुप्ता ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 2,500 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है।
इसी राशि के तहत दिल्ली जल बोर्ड ने वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) की जलापूर्ति सुधार परियोजना के पैकेज-1 में 805 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी है।