राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, UP सरकार को SIT पुनर्गठन और वरिष्ठ IPS से जांच के निर्देश

Supreme Court SIT Probe: सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान चोरी मामले में सरकार को SIT के पुनर्गठन का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अनुभवी IPS अधिकारी की अगुवाई में जांच कराने का सुझाव दिया है।
Supreme Court takes a stern view of the Ram Mandir donation theft case; directs UP government to reconstitute the SIT and have the investigation conducted by a senior IPS officer.
सुप्रीम कोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री राम मंदिर में दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही SIT के पुनर्गठन का  निर्देश दिया है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि एक वरिष्ठ IPS अधिकारी इस जांच का नेतृत्व करे, जिसे इस तरह की जांच संभालने का अनुभव हो।

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को दी जानकारी

राम मंदिर में चढ़ावा गबन की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जांच अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि जांच से जुड़ी सभी जानकारी खुली अदालत में नहीं बताई जा सकती। मेहता ने आगे कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने पाया है कि इस मामले में संज्ञेय अपराध (cognisable offence) बनता है।

कोर्ट ने सरकार को दिया निर्देश

राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का फिर से गठन करने का निर्देश दिया। साथ ही, कोर्ट ने सुझाव दिया कि जांच की अगुवाई के लिए सीनियर और अनुभवी IPS अधिकारियों को इसमें शामिल किया जाए ताकि जांच किसी ठोस नतीजे तक पहुंच सके। बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे SIT के प्रस्तावित पुनर्गठन के बारे में सरकार से निर्देश लें और कोर्ट को इसकी जानकारी दें।

3 जजों की बेंच ने की सुनवाई

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली चार याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने सुनवाई की। ये याचिकाएं RJD सांसद सुधाकर सिंह, वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अजय कुमार राय, दिनेश कुमार यादव और हिंदू धर्म परिषद ने दायर की थीं।

याचिकाकर्ताओं ने स्वतंत्र जांच (खासकर CBI से), श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का CAG या फोरेंसिक ऑडिट, सभी वित्तीय रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और जांच पूरी होने तक ट्रस्ट को बड़े वित्तीय फैसले लेने से रोकने का निर्देश देने की मांग की है।

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