शालीमार बाग में प्रशासन का मेगा अभियान, अवैध निर्माणों पर लगातार दूसरे दिन चला बुलडोजर
Shalimar Bagh Demolition: अतिक्रमण हटाने के अभियान को शालीमार बाग में दूसरे दिन भी जारी है। प्रशासन इस अभियान के तहत सड़क चौड़ीकरण परियोजना के चलते लगभग 150 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर रहा है।
- Written By: वंदना शर्मा
शालीमार बाग अतिक्रमण सोर्स सोशल मीडिया
Shalimar Bagh Demolition News: अतिक्रमण हटाने के अभियान को शालीमार बाग में दूसरे दिन भी जारी है। प्रशासन इस अभियान के तहत सड़क चौड़ीकरण परियोजना के चलते लगभग 150 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर रहा है। सोमवार सुबह सामने आई शालीमार बाग की तस्वीरों में कई मशीनों से अतिक्रमण को हटाते देखा गया है।
कही पर तो 2-3 मंजिला मकान भी टूटे नजर आए। प्रशासन की निगरानी में चल रहे इस अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल मौके पर मौजूद हैं।
दिल्ली के नियोजित विकास के तहत हो रही कार्रवाई
शालीमार बाग में अतिक्रमण हटाने के अभियान को प्रशासन ने रविवार को यह अभियान शुरू किया था। अधिकारियों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के दिए गए निर्देशों के तहत संचालित किया गया था। प्रशासन का कहना है, कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना को गति देने के लिए चिन्हित इलाके से सभी अवैध ढांचों को हटाया जाएगा और आवश्यक भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा। मध्य-उत्तर जिले के जिला मजिस्ट्रेट एसएस परिहार ने बताया कि संबंधित भूमि का अधिग्रहण दिल्ली के नियोजित विकास के उद्देश्य से वर्ष 1959 और 1961 में जारी अधिसूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान कार्रवाई उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
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अधिग्रहित भूमि पर कार्रवाई को प्रशासन ने बताया वैध
अधिकारियों के अनुसार, भूमि से संबंधित अधिग्रहण की सूचना साल 1996 में जारी की गई थी। इसके बाद साल 1980 में अवार्ड संख्याओ को घोषित किए गए। प्रशासन ने जुलाई 1980 में भूमि का कब्जा अपने अधीन ले लिया था, जबकि शेष मुआवजा राशि का भुगतान भी वर्ष 1981 तक पूरा कर दिया गया था। इस तरह भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी कानूनी और वित्तीय प्रक्रियाएं चार दशक पहले ही पूरी हो चुकी थीं।
30 मीटर राइट-ऑफ-वे पर अतिक्रमण का खुलासा
साल 2025 में डीडीए, राजस्व विभाग, भूमि व भवन विभाग और लोक निर्माण विभाग की ओर से संयुक्त रूप से टोटल स्टेशन मेथड तकनीक का उपयोग करके भूमि का वैज्ञानिक सीमांकन किया गया था। 10 जनवरी को संयुक्त सर्वेक्षण में पाया गया कि 30 मीटर के राइट-ऑफ-वे के भीतर सैकड़ों अनधिकृत स्थायी निर्माण मौजूद है। इसमें मौजूदा सड़क लगभग 19.5 मीटर के क्षेत्र में स्थित है, जबकि लगभग 10.5 मीटर का क्षेत्र अतिक्रमण के कारण अवरुद्ध है।
