

TMC MP Sukhendu Sekhar Ray Resigns: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी बुरे दौर से गुजर रही हैं। पहले उनके 80 में से 58 विधायकों ने उनसे बगावत करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर दावा ठोक दिया। वहीं, सोमवार को राज्यसभा में टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को संसद और पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा ऐसे समय में दिया है जब ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी इंडिया गठबंधन की अहम बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। बताया जा रहा है कि सुखेंदु खुद भी इस समय दिल्ली में ही मौजूद हैं।
बताया जा रहा है कि सुखेंदु रॉय सोमवार सुबह उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के स्पीकर सीपी राधाकृष्णन से मिलने पहुंचे और संसद के उच्च सदन की सदस्यता से अपना त्यागपत्र सौंप दिया। इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। रॉय ने ममता बनर्जी को मेल के जरिए अपना इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफे के बाद से बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। सुखेंदु रॉय को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है, लेकिन उनके अचानक इस्तीफे के लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है कि वो ममता साथ छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सोमवार टीएमसी को एक ही दिन में दो बड़े झटके लगे। एक तरफ जहां टीएससी सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। वहीं, दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की फलता सीट से विधायक रहे जहांगीर खान को बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ चुनाव के बाद हुई हिंसा और कुछ अन्य मामलों को लेकर जहांगीर खान की तलाश कर रही थी। वो चुनाव के बाद से अंडरग्राउंड थे। पुलिस ने मोबाइल नंबर की लोकेशन के जरिए उनका पता लगाया और नेपाल बॉर्डर के पास उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनपर हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और दंगा भड़काने समेत कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। इसके अलावा जहांगीर खान के खिलाफ मंनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है।