Bharat Ratna 2024:पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देकर BJP ने साधे कई बड़े राजनीतिक निशाने?

Bharat Ratna 2024: पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने के फैसले को राजनीतिक और ऐतिहासिक दोनों नजरिए से अहम माना जा रहा है। जानिए इस फैसले के पीछे की योगदान की पूरी कहानी।
Bharat Ratna 2024: Did the BJP achieve multiple major political objectives by conferring the Bharat Ratna upon P.V. Narasimha Rao?
पीवी नरसिम्हा राव (सोर्स सोशल मीडिया)
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PV Narasimha Rao Bharat Ratna: लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा राजनीतिक और एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित करने की घोषणा की है। उनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन को भी भारत रत्न देने का ऐलान किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों ने क्या कहा

एक रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक विश्लेषकों का मानना यह है कि इस फैसले के जरिए बीजेपी ने कई संदेश देने की बहुत बार कोशिश की है। आपको बता दें कि एक ओर पार्टी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर पी.वी. नरसिम्हा राव की उपेक्षा करने के आरोप को दोहराया है, वहीं दूसरी ओर उनके योगदान को सम्मान देकर खुद को अलग संदेश देने वाली पार्टी के रूप में भी पेश किया है।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस फैसले के जरिए बीजेपी दक्षिण भारत, खासकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने की लगातार कोशिश कर रही है। हालांकि, इस पर राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की अपनी एक अलग राय बनी हुई है।

तीनों के योगदान की सराहना की

आपको बताते चलें कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पी वी नरसिम्हा राव और मशहूर वैज्ञानिक व देश में हरित क्रांति के जनक डॉ एम एस स्वामीनाथन को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाएगा। इतना ही नही बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को खुद अपने सोशल मीडिया ‘एक्स’पर पोस्ट के शेयर करते हुए तीनों के योगदान की सराहना की।

5 लोगों को भारत रत्न देने की घोषणा

इस साल अब तक 5 लोगों को भारत रत्न देने की घोषणा हुई है, जो कि अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है। बता दें कि अभी कुछ दिनों पहले ही सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के लिए भारत रत्न की घोषणा की थी। उन्होंने कहा, ‘नरसिम्हा राव ने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को दिशा दी बल्कि उसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।’ संयुक्त आंध्र प्रदेश में जन्में नरसिम्हा राव वर्ष 1991 से 1996 तक भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहे थे।

आर्थिक विकास के एक नए युग की शुरूआत

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरसिम्हा राव का कार्यकाल महत्वपूर्ण कदमों से भरा था। जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोला और इससे आर्थिक विकास के एक नए युग की शुरूआत हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान एक नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है।

उन्होंने कहा यह भी बोला कि नरसिम्हा राव ने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को दिशा दी बल्कि उसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया। संयुक्त आंध्र प्रदेश में जन्में नरसिम्हा राव वर्ष 1991 से 1996 तक भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहे थे।

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जानिए प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा

प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में नरसिम्हा राव ने अलग-अलग पदों पर रहते हुए भारत की व्यापक सेवा की। उन्हेंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई सालो तक संसद सदस्य और विधान सभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए भी याद किया जाता है। मोदी ने कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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