SC में वक्फ कानून पर बोले सिब्बल, अल्लाह को दान सैकड़ों साल पुरानी संपत्ति के कागज कहां से लाएं
वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि अल्लाह को 100-200 साल पहले दान की गई संपत्ति के कागजात कहां से लाएंगे।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल की दलील
नई दिल्ली: नए या यूं कहें संशोधित वक्फ कानून को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। आज इस मुद्दे पर सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अपनी दलीलें पेश कीं। इस दौरान उन्होेंने कहा कि वक्फ कानून बोर्ड की संपत्तियों को कब्जा करने के उद्देश्य से ही बनाया गया है। मामले की सुनवाई सीजेआई भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच कर रहे थे।
केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में वक्फ बोर्ड को लेकर संशोधित कानून बनाने पर कई मुस्लिम संगठनों और विपक्ष के दलों ने आपत्ति जताई है। इस संबंध में कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। आज मामले में सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि नए कानून में वक्फ की संपत्तियों के हक को छीनने का प्रयास होता नजर आ रहा है।
100-200 साल पुराने कागजात कहां से लाएगा वक्फ
सिब्बल ने कहा कि नए कानून में वक्फ की संपत्तियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जो सपंत्तियां सैकड़ों वर्षों पहले वक्फ को दान में दी गई थी उसके कागजात वक्फ बोर्ड कहां से मुहैया कराएगा। ये अल्लाह को दान में दी गई संपत्तियां हैं। सरकार अब इसका भी प्रूफ मांगेगी तो कहां देगा बोर्ड। वक्फ बोर्ड वर्षों पुराना है, आज का नहीं है कि सरकार इसका डेटा मांगे।
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एक बार वक्फ की गई गई संपत्ति उसी की रहती है
सिब्बल ने कहा कि वक्फ संपत्ति को लेकर कोई विवाद होता है तो फैसला करने वाला भी सरकार का अधिकारी होगा। कानून के मुताबिक कोई भी वक्फ संपत्ति पर आपत्ति जता सकता है। कोर्ट को वक्फ के बारे में बताते हुए सिब्बल ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि वक्फ अल्लाह को किया गया एक प्रकार का दान है, जिसे किसी और को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। एक बार वक्फ को दी गई संपत्ति वक्फ ही रहती है।
वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम का दखल क्यों?
अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि वक्फ संपत्ति के प्रशासनिक अधिकार में दखल दिया जा रहा है। नए कानून में वक्फ काउंसिल और वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम का भी बहुमत हो सकता है। राज्य वक्फ बोर्ड में 12 गैर मुस्लिम और 10 मुस्लिम हो सकते हैं। पहले जिन पदों पर चुनाव होता था, उनमें राज्य सरकार का नामित प्रतिनिधि शामिल सकता था, लेकिन अब कोई भी यह हो सकता है। वहीं पहले सिर्फ मुस्लिम ही हो सकता था।
कोई भी छीन सकता है वक्फ का अधिकार
कपिल सिब्बल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति वक्फ की संपत्ति को लेकर सवाल खड़े कर सकता है। ऐसे में विवाद कोर्ट में पहुंचते ही जांच शुरू हो जाएगी और मामले की जांच शुरू होते ही संपत्ति पर से वक्फ का कब्जा खत्म हो जाएगा। सरकार की ओर से ये कानून वक्फ संपत्तियों से बोर्ड का कब्जा खत्म करने के लिए लाया जा रहा है।
