दिल्ली विधानसभा में AAP विधायकों की एंट्री पर रोक; बिना विपक्ष सदन में CAG रिपोर्ट पर चर्चा करना जरूरी या मजबूरी?
आज के सत्र में सबसे प्रमुख चर्चा का विषय है CAG (कैग) रिपोर्ट। यह रिपोर्ट दिल्ली सरकार के वित्तीय प्रबंधन और सरकारी खर्चों से संबंधित है। लेकिन विपक्ष के न होने से इस पर चर्चा करना कितना सही होगा इसी के बारे में जानेंगे।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
कॉन्सेप्ट फोटो, सोशल मीडिया
नवभारत डेस्क : दिल्ली में सरकार गठन के बाद दिल्ली विधानसभा में राज्य की पिछली सरकार की शराब नीति से जुड़ी कैग की रिपोर्ट मौजूदा सीएम रेखा गुप्ता पेश कर चुकी हैं। इसको लेकर आज यानी 27 फरवरी को विधानसभा में चर्चा होगी। पर ध्यान देने वाली बात यह है कि आम आदमी पार्टी के आतिशी सहित विपक्ष के 21 विधायकों को 3 मार्च के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।
आज के सत्र में सबसे प्रमुख चर्चा का विषय है CAG (कैग) रिपोर्ट। यह रिपोर्ट दिल्ली सरकार के वित्तीय प्रबंधन और सरकारी खर्चों से संबंधित है। लेकिन विपक्ष के न होने से इस पर चर्चा करना कितना सही होगा इसी के बारे में जानेंगे।
बिना विपक्ष कैग रिपोर्ट पर चर्चा
दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र में यह पहली दफा होगा कि बिना विपक्ष के ही किसी रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में बिना विपक्ष का सदन में किसी रिपोर्ट पर चर्चा करना लोकतंत्र से खिलवाड़ करने जैसा है। दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही में आम आदमी पार्टी के 21 विधायक हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं।
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AAP के 22 में से 21 विधायकों को LG के भाषण के दौरान नारेबाजी करने पर सस्पेंड कर दिया गया था। ध्यान देने वाली बात यह है कि एक मात्र अमानतुल्लाह खान इस कार्यवाही से बच गए थे, क्योंकि उस वक्त वह सदन में मौजूद ही नहीं थे। ऐसे में एक और सवाल यह भी खड़ा होता है कि क्या सिर्फ एक विपक्षी नेता के मौजूदगी में ही कैग रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी और डिप्टी स्पीकर का चुनाव किया जाएगा?
बिना विपक्ष डिप्टी स्पीकर का होगा चुनाव
इस सत्र का दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा डिप्टी स्पीकर का चुनाव भी है। विधानसभा में डिप्टी स्पीकर का पद खाली है, और आज इस पर वोटिंग होगी। डिप्टी स्पीकर का पद सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बिना विपक्ष सदन में डिप्टी स्पीकर का भी चुनाव करना डेमोक्रैसी के डेकोरम को हनन करने जैसा है।
ऐसे में इस आर्टिकल को लिखने तक खबर आ रही है कि आतिशी की पुलिसकर्मियों से बहस हो गई, जब उन्हें विधानसभा में एंट्री नहीं मिली। इसके बाद आतिशी ने आदेश की कॉपी मांगी, ताकि वे स्थिति स्पष्ट कर सकें। वहीं आप के विधायक संजीव झा का कहना है कि सदन तो दूर विधानसभा की पार्किंग में भी नहीं जाने दे रहे हैं।
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आपको जानकारी के लिए यह भी बताते चलें कि आतिशी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर पोसेट कर अपना विरोध दर्ज किया है। उन्होंने कहा,’BJP वालों ने सरकार में आते ही तानाशाही की हदें पार कर दीं।‘जय भीम’ के नारे लगाने के लिए तीन दिन के लिए आम आदमी पार्टी के विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया। आज ‘आप’ विधायकों को विधान सभा परिसर में घुसने भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसा दिल्ली विधान सभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि चुने हुए विधायकों को विधान सभा परिसर के अंदर नहीं घुसने दिया जा रहा है।’
