आतंकी डॉक्टर उमर और मुजम्मिल की डायरी उगलेगी कई राज, खुलेगा 8 से 12 नवंबर की प्लानिंग का पूरा चिट्ठा
Delhi Blast NIA Investigation: जांच एजेंसियों को आतंकी डॉक्टर उमर और मुजम्मिल की डायरी मिली है। इसमें कोड वर्ड में 8 से 12 नवंबर की प्लानिंग और जम्मू-कश्मीर/फरीदाबाद के 25 लोगों के नाम दर्ज हैं।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
जांच एजेंसियों को मिली आतंकी उमर और मुजम्मिल की 'डायरी', फोटो- सोशल मीडिया
Delhi Blast Latest Update: दिल्ली आतंकी हमले में शामिल डॉक्टर उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन नबी और डॉक्टर मुजम्मिल की ‘डायरी’ से अहम खुलासे हुए हैं। डायरी से पता चला है कि आतंकवादी एक बड़ी और सुनियोजित योजना के तहत काफी समय से हमले की साजिश रच रहे थे। ये डायरी मंगलवार और बुधवार को बरामद की गईं।
जांच एजेंसियों के हाथ लगी यह ‘डायरी’ कई सवालों के जवाब देने की संभावना रखती है। सूत्रों के अनुसार, आतंकी उमर मोहम्मद और मुजम्मिल की ये ‘डायरी’ मंगलवार और बुधवार को बरामद की गईं। यह बरामदगी आतंकी उमर के कमरा नंबर-4 और मुजम्मिल के कमरा नंबर-13 से हुई। यह कमरा फरीदाबाद के धौज में अल फलाह विश्वविद्यालय से लगभग 300 मीटर दूर स्थित है। यह वही जगह है जहां पहले 360 किलोग्राम विस्फोटक मिला था।
कोड वर्ड में लिखी थी 8 से 12 नवंबर की योजना
बरामद डायरियों में आतंकियों ने कोड वर्ड्स का इस्तेमाल किया गया था। इन डायरियों में विशेष तौर पर 8 से 12 नवंबर के बीच की तारीखों का जिक्र था। यह तारीखें उस दौरान चल रही योजना का स्पष्ट संकेत देती हैं। इन दोनों की ‘डायरी’ से पता चलता है कि आतंकवादी एक बड़ी और सुनियोजित योजना के तहत हमले की साजिश रच रहे थे।
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जांच के दायरे में आए 25 लोग और हैंडलर
जांच एजेंसियों को मिली इन डायरियों में लगभग 25 लोगों के नाम भी दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर लोग जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद के निवासी हैं। ये सभी लोग अब जांच के दायरे में हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि साल 2021 में मुज्जमिल ने अपने तीन हैंडलर से उमर और उसके साथियों को मिलवाया था। इसके बाद एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया। बाद में, उन्हें एक टेलीग्राम आईडी दी गई, जिससे उमर और बाकी लोग जुड़े। जानकारी के अनुसार, इस टेलीग्राम आईडी को वसीम नाम का एक शख्स ऑपरेट कर रहा था। इसके अलावा, उमर ने तीन महीने पहले सिग्नल ऐप पर भी एक ग्रुप बनाया था, जिसमें केवल दो से चार लोग शामिल थे।
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दो और विस्फोटक कारों की थी तैयारी
एक और महत्वपूर्ण खुलासा यह हुआ है कि संदिग्ध आतंकी पहले से जब्त की गई आई-20 कार और ईको स्पोर्ट्स के अलावा दो और पुरानी गाड़ियां तैयार करने का प्लान बना रहे थे। उनका इरादा था कि इन गाड़ियों में विस्फोटक भरकर और बड़ा टारगेट किया जा सके। गौरतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों ने 10 नवंबर को इस आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में लगभग 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया गया, और 7 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा गया था।
