AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा में भाजपा और आरएसएस के खिलाफ तीखा मोर्चा खोलते हुए ‘वफादारी के सर्टिफिकेट’ की राजनीति पर हमला बोला है। उन्होंने हैदराबाद के मुस्लिम मुजाहिदीन, तिरंगे की रचना और टीपू सुल्तान के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए देश की समावेशी पहचान को बचाने की अपील की।
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सीधे तौर पर भाजपा और आरएसएस को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो लोग आज देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं, वे बताएं कि अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में उनके कितने लोग मारे गए।
ओवैसी ने हैदराबाद के मक्का मस्जिद के इमाम मौलवी अलाउद्दीन का जिक्र किया, जिन्हें काला पानी की सजा हुई थी, और तुर्बाज खान की शहादत को याद किया जिनकी लाश को अंग्रेजों ने पांच दिनों तक लटकाए रखा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन बलिदानों के बाद भी किसी को वफादारी का सर्टिफिकेट देने की जरूरत है?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा में भाजपा और आरएसएस के खिलाफ तीखा मोर्चा खोलते हुए ‘वफादारी के सर्टिफिकेट’ की राजनीति पर हमला बोला है। उन्होंने हैदराबाद के मुस्लिम मुजाहिदीन, तिरंगे की रचना और टीपू सुल्तान के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए देश की समावेशी पहचान को बचाने की अपील की।
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सीधे तौर पर भाजपा और आरएसएस को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो लोग आज देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं, वे बताएं कि अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में उनके कितने लोग मारे गए।
ओवैसी ने हैदराबाद के मक्का मस्जिद के इमाम मौलवी अलाउद्दीन का जिक्र किया, जिन्हें काला पानी की सजा हुई थी, और तुर्बाज खान की शहादत को याद किया जिनकी लाश को अंग्रेजों ने पांच दिनों तक लटकाए रखा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन बलिदानों के बाद भी किसी को वफादारी का सर्टिफिकेट देने की जरूरत है?