दिल्ली सरकार खुद बनाएगी PG, सत्य निकेतन हादसे के बाद LG ने DDA से मांगी जमीन; जानिए क्या है पूरा प्लान

Delhi Government: दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 में भी हॉस्टल और पीजी को लेकर भी कुछ नियम तय किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि आवासीय ओर मिक्स यूज वाले इलाकों में ही पीजी बनाए जा सकते हैं।
delhi government planing to build pg for students after satya niketan accident
डीडीए अधिकारियों के साथ दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू(सोर्स-X/@LtGovDelhi)
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Delhi Government PG Scheme: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद सरकार, प्रशासन से लेकर उपराज्यपाल तक सक्रिय हो गए हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के अधिकारियों के साथ के एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि केंद्र शासित प्रदेश में ऐसी जमीनों का तलाश की जाए, जहां पीजी का निर्माण करवाया जा सके।

उपराज्यपाल ने कहा कि हम छात्रों के लिए किफायती दर पर साफ-सुथरी और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए एलजी ने इसकी जानकारी दी है।

DDA अधिकारियों से LG की मुलाकात

दिल्ली उपराज्यपाल ने अपने ऑफिस में डीडीए के वाइस चेयरमैन सरवन कुमार से मुलाकात की। इस बारे में जानकारी देते हुए एलजी ने बताया कि इस बैठक दिल्ली के भीतर छात्रों के लिए पीजी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर थी। इस दौरान मैंने दिल्ली विकास प्राधिकरण को आदेश दिया कि पीजी तैयार करने के लिए उचित जमीन की पहचान की जाए। इसके बाद एक्शन प्लान तैयार किया जाए। विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भी साथ लेकर एक्शन प्लान पर अमल हो।

'छात्रों की सुविधाओं पर हमारा फोकस'

उपराज्यपाल ने आगे कहा कि दिल्ली में हॉस्टल सुविधा तैयार करने के लिए ने मास्टर प्लान के तहत काम शुरू किया जाए। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि छात्रों को सुरक्षित, बेहतर और किफायती रिहायश आवसीय सुविधा मुहैया कराने पर हमारा पूरा फोकस है।

मास्टर प्लान 2041 में पीजी को लेकर नियम

आपको बताते चले कि दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 में भी हॉस्टल और पीजी को लेकर भी कुछ नियम तय किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि आवासीय ओर मिक्स यूज वाले इलाकों में ही पीजी बनाए जा सकते हैं। गाइडलाइन में कहा गया है कि कोचिंग, ट्यूशन सेंटर और पीजी आदि की अनुमति ए और बी कैटेगरी के आवासीय इलाकों में नीहं चलेंगे।

सत्य निकेतन हादसा ने दिल्ली में शहरी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े हैं। वहीं, राजधानी में तेजी से हो रही अवैध निर्माण जैसी प्रमुख समस्याओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस हादसे ने छात्रों के बुरे हालातों में रहने और पढ़ाई के लिए अधिक खर्ज जैसी समस्याओं को भी उजागर किया है।

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दिल्ली का सत्य निकेतन हादसा

गौरतलब है कि रविवार, 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला इमारत ढह गई थी। इस हादसे में 5 छात्रों समेत कुल 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के वक्त इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था।

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