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दिल्ली दंगा के आरोपी शरजील इमाम पर अंतरिम बेल की शर्त का उल्लंघन करने का आरोप
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में अर्जी लगाकर कार्रवाई की मांग की गई
शरजील इमाम की जमानत याचिका 30 सितंबर को हाई कोर्ट से खारिज हुई थी
दिल्ली दंगों के आरोप में UAPA के तरत बंद है शरजील इमाम
Delhi Riot Case Accused Imam:दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की अर्जी पर फैसला सुनाते हुए कहा कि दिल्ली दंगा के आरोपी शरजील इमाम ने अपनी अंतरिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। हालांकि, उनकी ज़मानत रद्द नहीं की गई है। पुलिस ने अदालत से इमाम की जमानत रद्द करने की मांग की थी। उन्हें 2020 में गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोपी बनाए जाने के बाद से बिना किसी मुकदमे के जेल में रखा गया है।
दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया है कि इमाम ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करके अपनी जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर मौजूद एक वीडियो का हवाला दिया है, जिसमें कथित तौर पर उन्हें मीडिया से बातचीत करते हुए देखा गया है। इमाम की जमानत 4 से 10 अक्टूबर तक थी और उन्हें शनिवार को सरेंडर करना था। उसी दिन पुलिस ने उनके खिलाफ अर्जी दाखिल की थी।
कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने 22 सितंबर को इमाम को उनके कजिन की शादी में शामिल होने के लिए सात दिन की अंतरिम जमानत दी थी।
पुलिस ने कोर्ट में दी अपनी अर्जी में शरजील इमाम के व्यवहार को जानबूझकर किया गया बताते हुए कहा कि इमाम ने शर्त का उल्लंघन किया है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि आजादी की जो रियायत दी गई थी, उससे जुड़ी शर्तों का पालन करना था, लेकिन उसने इसका गलत इस्तेमाल किया है। आरोपी के बर्ताव से यह साफ़ है कि वह अदालत से मिली आजादी का गलत फायदा उठा रहा है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने 10 सितंबर, बुधवार को दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की डिवीन बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने देखा कि सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि वे एक साल बाद या सुरक्षित गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद दोबारा जमानत के लिए अर्जी दे सकते हैं।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि चूंकि ये दोनों शर्तें अभी पूरी नहीं हुई हैं, इसलिए शरजील इमाम को जमानत देना सुप्रीम कोर्ट के आदेश में बदलाव करने जैसा होगा।
दरअसल, फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के पीछे की साजिश की जांच शुरू होने के बाद इमाम को अरेस्ट किया गया था। इमाम के साथ कईयों की गिरफ्तारी हुई थी।
शरजील इमाम की याचिका को तीसरी बार खारिज किया जा चुका है। हालांकि, परिवार में शादी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत या पैरोल मिली है। लेकिन इस मामले में भी उल्लंघन का आरोप लगाकर दिल्ली पुलिस कार्रवाई चाहती है।