दिवाली से पहले जहरीला गैस चैंबर बना दिल्ली! दमघोटू हवा की मार झेल रहे बच्चे और बुजुर्ग, AQI 482 तक पहुंचा

Delhi-NCR Air Quality: दिल्ली में त्योहार से पहले हवा खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। इसको लेकर सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। गुरूवार को AQI 482 तक पहुंच गया है।
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दिल्ली-एनसीआर की हवा प्रदूषितसोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • गुरुवार सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में बनी रही।

  • कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक 482 दर्ज किया गया

  • राजधानी के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर बना रहा।

Delhi Air Pollution Update: दिपावली से पहले राजधानी दिल्ली जहरीली हवा से घिर चुकी हा है। गुरुवार सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में बनी रही। सुबह 8:01 बजे कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 482 दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर बना हुआ था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सात निगरानी केंद्रों पर AQI 400 से ऊपर रहा, जो इसे “गंभीर”श्रेणी में रखता है।

किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण?

पंजाबी बाग में सबसे अधिक AQI 446 दर्ज किया गया। इसके बाद नरेला में 434, रोहिणी में 431, आरके पुरम में 416, बवाना में 412, दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में 408 और पटपड़गंज में 405 AQI रहा। कई अन्य जगहों पर हवा “बहुत खराब” श्रेणी में थी। ओखला फेज-2 और इंडिया गेट पर AQI 399 रहा। ITO में 397, द्वारका सेक्टर 8 में 396, चांदनी चौक में 356 और वसुंधरा एन्क्लेव में 330 दर्ज किया गया। आनंद विहार में 293 और आईएमडी लोधी रोड स्टेशन पर 268 AQI रहा, जो “खराब” श्रेणी में आता है।

सरकार का क्या कहना है?

दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र का वायु गुणवत्ता पैनल मौसम संबंधी स्थितियों- जैसे हवा की दिशा, गति और बहाव पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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पराली जलाने को लेकर दावा

यह स्थिति तब बनी है जब पिछले वर्षों की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। सरकार का दावा है कि धान की पराली के एक बड़े हिस्से का “एक्स-सीटू” प्रबंधन के जरिए इस्तेमाल किया गया है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में कमी के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि इस बार धान की लगभग 40 प्रतिशत पराली का इस्तेमाल एक्स-सीटू प्रबंधन के जरिए किया गया है।

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लोगों को चेतावनी दी गई

इन उपायों के बावजूद हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। CAQM मौसम संबंधी स्थितियों पर बारीकी से नजर रख रहा है और अपने आकलन के आधार पर जरूरी कदम उठा रहा है। दिल्लीवासियों को सलाह दी गई है कि वे घर के अंदर रहें, मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें।