LPG किल्लत (Image- Social Media)
Delhi LPG Crisis: दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने उनके वितरण के लिए नई नीति लागू की है। खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि सीमित गैस उपलब्धता के बीच जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा सके और जमाखोरी पर भी रोक लगाई जा सके।
नई व्यवस्था के तहत राजधानी में रोजाना बिकने वाले करीब 9,000 कमर्शियल (19 किलो) एलपीजी सिलेंडरों में से लगभग 20 प्रतिशत, यानी करीब 1,800 सिलेंडरों का वितरण नियंत्रित तरीके से किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब गैस की आपूर्ति अलग-अलग सेवाओं और संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी।
सरकार के अनुसार स्कूल, अस्पताल, रेलवे और एयरपोर्ट जैसी आवश्यक सेवाओं की गैस जरूरतों को सबसे पहले पूरा किया जाएगा। इन संस्थानों की लगभग पूरी मांग पूरी करने की कोशिश की जाएगी, हालांकि यहां भी करीब 200 सिलेंडरों तक की कटौती संभव है। इसके अलावा सरकारी और पीएसयू संस्थानों तथा उनके कैंटीन में लगभग 236 सिलेंडरों की कटौती की जाएगी।
इस नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर रेस्टोरेंट और ईटरीज़ पर पड़ सकता है, जहां करीब 762 सिलेंडर कम दिए जाएंगे। वहीं होटल, गेस्ट हाउस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को लगभग 72 सिलेंडर कम मिलेंगे। डेयरी, बेकरी और मिठाई की दुकानों के लिए करीब 200 सिलेंडर कम किए जाएंगे, जबकि कैटरर्स और बैंक्वेट हॉल को लगभग 162 सिलेंडरों की कम आपूर्ति मिलेगी। इसके अलावा ड्राई क्लीनिंग, पैकेजिंग और फार्मा यूनिट्स में 18 सिलेंडरों की कटौती की जाएगी। वहीं स्पोर्ट्स स्टेडियम और अन्य श्रेणियों में लगभग 150 सिलेंडर कम दिए जाएंगे।
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल 5 किलो वाले सिलेंडरों की सप्लाई बंद रहेगी और गैस मुख्य रूप से 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर में ही उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सिलेंडरों की आपूर्ति बुकिंग के आधार पर की जाएगी और जमाखोरी रोकने के लिए पिछले तीन महीनों की औसत खपत के आधार पर ही गैस उपलब्ध कराई जाएगी।