दिल्ली में ऑन लाइन ज्वेलरी खरीदना पड़ा भारी! ₹1.16 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

Delhi Cyber Scam: दिल्ली साइबर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर फर्जी ज्वेलरी बेचकर 1.16 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी अंकित ठाकुर को गिरफ्तार किया, साथी शमीम फरार।
Buying jewelry online proves costly in Delhi! Scammed of ₹1.16 lakh; accused arrested.
साइबर धोखाधडी (सोर्स सोशल मीडिया)
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Delhi Instagram Fake Jewellery Fraud: दिल्ली से एक बड़ी घटना सामने आयी है। सेंट्रल जिला साइबर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर फर्जी ज्वेलरी का विज्ञापन देकर लोगों के साथ ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हरियाणा के पलवल जिले के होडल निवासी 26 वर्षीय अंकित ठाकुर के रूप में हुई है। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी शमीम की तलाश अभी जारी है।

इंस्टाग्राम पर 1,16,975 रूपये की हुई थी ठगी

मिला जानकारी के अनुसार पुलिस ने मीडिया के साथ हुई बातचीत में बताया है कि 15 फरवरी 2026 को एक महिला ने साइबर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर ज्वेलरी का एक आकर्षक विज्ञापन देखा था। उस विज्ञापन पर लिखे गए मोबाइल नंबर पर जब कॉल करने की कोशिश की, तो कॉल नहीं लगी। लेकिन कुछ देर बाद दूसरे नंबर से उसे फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को ज्वेलरी विक्रेता का मालिक बता रहा था और उसके बाद में उसने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर ज्वेलरी भेजने का भरोसा भी दिलाया था।

भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज

आपको बता दें कि महिला ने आरोपी की बातों पर विश्वास करके 14 फरवरी 2026 को पेटीएम लेन-देन के जरिए कुल 1,16,975 रुपये भेज दिए। जब काफी समय तक ज्वेलरी नहीं मिलने पर उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत इस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

 फरार हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की तलाश जारी

जांच के दौरान सभी इंस्टाग्राम खाते, मोबाइल नंबरों और वित्तीय लेनदेन का तकनीकी रूप से विश्लेषण करते हुए पुलिस ने को जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 97,580 रुपये एक व्यक्ति के नाम पर जारी कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने में इस्तेमाल किए गए है, जबकि 19,395 रुपये दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी एक अन्य क्रेडिट कार्ड के भुगतान में लगाए गए है।

इतना ही नही बल्कि आगे की जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक क्रेडिट कार्ड और एक सिम कार्ड राखी नामक महिला के नाम पर दर्ज था, लेकिन उस सिम का इस्तेमाल अंकित ठाकुर कर रहा था। पुलिस ने जब पूछताछ की तब आरोपी ने बताया कि वह सिम कार्ड पर आने वाले ओटीपी नम्बर को प्राप्त करता था और उसके बाद धोखाधड़ी वाले लेन-देन को पूरा करता था। पुलिस अब फरार आरोपी शमीम और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इसके बदले वह अपनी सहयोगी महिला मित्र को पांच से दस हजार रुपये देता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि ठगी से मिली रकम का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा उसे मिलता था, जबकि बाकी 90 प्रतिशत रकम उसका साथी शमीम अपने पास रखता था। पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर हरियाणा के होडल में छापेमारी कर अंकित ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। राखी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई है।

कई डिजिटल माध्यमों से पैसे मंगाते थे

बताते चले कि मामले की जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह इंस्टाग्राम पर फर्जी ज्वेलरी के आकर्षक विज्ञापनों को डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। फिर उसके बाद पीड़ितों से व्हाट्सएप पर बातचीत कर उनका भरोसा जीता जाता था।

उसके बाद उन्हें कई डिजिटल माध्यमों से उन्हे बार -बार पैसे भेजने के लिए कहा जाता था। आरोपी ठगी की रकम को सीधे अपने बैंक खाते में रखने के बजाय दूसरे लोगों के नाम पर जारी किए गए क्रेडिट कार्ड के बकाया भुगतान को अपनी जरूरत के रूप में इस्तेमाल करते थे, ताकि जिससे उनके पैसों के लेन-देन का पता लगाना किसी को लिए भी मुश्किल हो जाए।

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