दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की अनोखी पहल, अब ड्रोन से रखी जाएगी नजर
दिल्ली में सरकार ने हॉटस्पॉट जोन में प्रदूषणों के कारकों की पहचान के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ड्रोन से मॉनिटरिंग का फैसला किया है। जिसके तहत अब ड्रोन 120 मीटर की ऊंचाई से 200 मीटर तक के रेंज में प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की जानकारी देगा।
- Written By: प्रीति शर्मा
ड्रोन से रखी जाएगी दिल्ली में प्रदूषण पर नजर
दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में नवंबर के महीने में ठंड दस्तक देती है जिसके साथ ही प्रदूषण एक गंभीर रूप लेने लगता है। पराली जलाने और दिवाली के पटाखों से दिल्ली की हवा और जहरीली होने लगती है। जिसकी वजह से दिल्ली में एयर पॉल्यूशन की स्थिति गंभीर श्रेणी में जाने लगती है। इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक नई पहल शुरू की है। जिसके जरिए आप आसमान से हॉटस्पॉट जोन की निगरानी रखी जाएगी।
आज वजीरपुर हॉटस्पॉट पर प्रदूषण के कारकों की पहचान करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ड्रोन द्वारा कराई मॉनिटरिंग। ड्रोन मैपिंग के जरिए लिए गए डेटा से प्रदूषण नियंत्रण की नीतियों में मिलेगी मदद। pic.twitter.com/Ti1sT9BUND — Gopal Rai (@AapKaGopalRai) October 25, 2024
दिल्ली में सरकार ने हॉटस्पॉट जोन में प्रदूषणों के कारकों की पहचान के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ड्रोन से मॉनिटरिंग का फैसला किया है। जिसके तहत अब ड्रोन 120 मीटर की ऊंचाई से 200 मीटर तक के रेंज में प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की जानकारी देगा। बता दें कि दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से भी ज्यादा होता है। इस वजह से शुक्रवार यानी 25 अक्तूबर को प्रदूषण से निपटने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस बात जानकारी दी कि ड्रोन की मदद से हॉटस्पॉट वाले इलाकों में प्रदूषण फैलने वाले सोर्स का पता लगाया जाएगा और उसके बाद उसे सुधारने के लिए उचित कदम भी उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित होगा, उस क्षेत्र में इससे निपटने की कार्रवाई की जाएगी जिसमें वजीरपुर भी मौजूद है।
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मंत्री गोपाल राय का कहना है कि वायु प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने में ड्रोन मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सेंसर से युक्त ड्रोन भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और औद्योगिक क्षेत्रों सहित उन जगहों पर पहुंचने में सक्षम है जहां पर पारंपरिक तरीके से निगरानी रखना मुश्किल होता है। ड्रोन की मदद से प्रदूषण के कारणों को बेहतर ढंग से समझने में आसानी होगी।
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हॉटस्पॉट की होगी एयर मॉनिटरिंग
गोपाल राय के अनुसार ड्रोन से पॉल्यूशन पर निगरानी रखी जाएगी और अगर पायलट प्रोजेक्ट सफर होता है तो इसकी मदद से शहर के 13 हॉटस्पॉट की भी निगरानी की जाएगी। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने 21 सूत्रीय एक्शन प्लान तैयार किया है। वहीं, सरकार प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। राज्य में जेनरेटर पर शर्तों के साथ रोक लगा दी गई है।
