

Congress DMK Rift: तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने सहयोगी पार्टी DMK का साथ छोड़कर टीवीके के साथ जाने का फैसला लिया। राहुल गांधी के इस फैसले का विरोध करते हुए डीएमके ने इंडिया गठबंधन छोड़ने की धमकी दे डाली। साथ ही सीएम विजय के साथ सरकार में शामिल होने पर कांग्रेस का विरोध भी किया। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए डीएमके को जमकर लताड़ लगाई।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मीडिया एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कौन अपोजीशन को कमजोर करता है, कौन नहीं, इसमें तो मैं नहीं जाऊंगा। जैसे राहुल गांधी ने मीटिंग में कहा था कि यदि आपको कांग्रेस पर सवाल खड़े करने हैं तो करिए। हमें उसकी चिंता नहीं है। आपको बड़ा लक्ष्य अगर देखना है, तो देखिए। DMK को याद होना चाहिए कि पूर्व में अटल बिहारी के समय यही बीजेपी के साथ खड़े थे।
राहुल गांधी पर DMK के हमले पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, DMK को यह भी याद रखना चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय में वे BJP सरकार के साथ थे, ऐसा नहीं है कि वे हमेशा धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ ही रहे हों। तमिलनाडु में कभी भी सिर्फ एक तरह का गठबंधन नहीं रहा है।
बातचीत के दौरान आगे कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि अगर किसी राज्य में कोई दूसरी पार्टी उभरती है और वह धर्मनिरपेक्ष है तो उन्हें उसे बड़े आंदोलन में शामिल करना चाहिए। हम राज्य स्तर पर एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे। राहुल गांधी ने उदारता और बड़प्पन दिखाया है। जानकारों का मानना है कि क्षेत्रीय पार्टियों को अपनी संकीर्ण सोच से ऊपर उठना चाहिए।