West Bengal: TMC के बागी सांसदों को मिला नया 'बॉस', ज्योतिप्रकाश चटर्जी बने NCPI के नए अध्यक्ष

West Bengal Politics: TMC के बागी सांसदों के विलय के बाद ज्योतिप्रकाश चटर्जी को NCPI पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। उनके बारे में पार्टी के बड़े नेताओं को भी जानकारी नहीं है।
West Bengal: Rebel TMC MPs get a new 'boss'; Jyotiprakash Chatterjee appointed as the new President of NCPI.
ममता बनर्जी और काकोली घोष (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Jyotiprakash Chatterjee New NCPI President: TMC के बागी सांसदों ने अपने गुट का विलय NCPI के साथ कर लिया है। पार्टी में विलय के बाद अब खबर आ रही है कि ज्योतिप्रकाश चटर्जी को एनसीपीआई का नया अध्यक्ष बनाया गया है। नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया की संस्थापक शेवली कुंडू ने एक दिन पहले ही पत्रकारों से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने जानकारी दी थी कि वे पार्टी के अध्यक्ष पद पर नहीं हैं। शेवली कुंडू के बयान खबरे थीं कि काकोली घोष खुद पार्टी की कमान संभाल ली है।

अध्यक्ष के बारे में नहीं है जानकारी

NCPI के नए अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी के बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी बहुत कम उपलब्ध है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शांतनु डे के मुताबिक, उन्हें भी नए अध्यक्ष के बारे में जानकारी नहीं है।

NDA के समर्थन पर जताई खुशी

इसके एक दिन पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शांतनु डे ने मीडिया से बातचीत में टीएमसी के बागी सांसदों के पार्टी में शामिल होने पर कहा था कि मुझे इसके बारे में सोशल मीडिया और न्यू से पता चला। मैं उनसे बातचीत करने के लिए तैयार हूं। अगर मेरी पार्टी बढ़ती है तो मुझे खुशी ही होगी। मैंने सुना है कि यह फैसला पार्टी प्रेसिडेंट ने लिया है। उन्होंने अभी तक मुझे इस बारे में कोई कॉल नहीं किया है।

मैं पार्टी को आगे बढ़ाना चाहता हूं। अगर मेरी पार्टी बढ़ती है, तो हम देश के लिए काम कर पाएंगे। हम PM मोदी का समर्थन करते हैं और देश के लिए NDA के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।

काकोली घोष ने किया ऐलान

बागी TMC सांसदों ने 14 जून को दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की। उनसे मिलने के बाद, बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा, AITC से चुने गए हम बीस सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा। ये बीस सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हैं। हम नेशनलिस्ट सिटिन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।

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