सरकार ने दो मांगों पर दिखाई नरमी, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा समय, बातचीत के बाद CJP का बड़ा दावा
Students Protest: CJP ने दावा किया कि सरकार उनकी दो मांगों पर सकारात्मक है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अनशन समाप्त किया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
सरकार के साथ CJP की मीटिंग (Image- IANS)
Government Meeting with CJP: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि सरकार ने उसकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक रुख दिखाया है। संगठन का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने फैसला लेने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है।
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP प्रतिनिधिमंडल और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच करीब 10 मिनट तक बैठक हुई। बैठक के बाद CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि सरकार पीड़ित छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने के मुद्दे पर भी सरकार का रुख सकारात्मक नजर आया।
#WATCH दिल्ली | सरकार के साथ बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही बर्खास्त कर देगी। सरकार ने मुआवज़ा (सुसाइड से मरने… pic.twitter.com/PD3f8SRj53 — ANI_HindiNews (@AHindinews) July 24, 2026
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हालांकि, तीसरी मांग पर सरकार की ओर से क्या जवाब मिला, इसकी विस्तृत जानकारी संगठन ने साझा नहीं की। CJP का कहना है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर सरकार ने निर्णय के लिए अगले दिन दोपहर तक का समय मांगा है।
26 दिन बाद खत्म हुआ वांगचुक का अनशन
इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। CJP के अनुसार, सरकार की ओर से कई मुद्दों पर आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। संगठन का यह भी दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
देशभर में प्रदर्शन का आह्वान
CJP ने 24 जुलाई को देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन के मुताबिक दिल्ली, मुंबई, पटना सहित कई शहरों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और आंदोलन का मुख्य केंद्र अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बन गया है।
संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प
20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। CJP के अनुसार, इस दौरान कई छात्र घायल हुए, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान 118 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
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उधर, विपक्ष के कई नेताओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता प्रदर्शन स्थल पहुंचे। वहीं, कांग्रेस पर आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने के आरोप भी लगे, जिन्हें सोनम वांगचुक की पत्नी ने खारिज किया।
