

नई दिल्ली: भाजपा ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर 'जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना' में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। सीएम रेखा गुप्ता ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच करवाने के आदेश दिए है। आरोप लगाए गए हैं कि इस योजना में आम आदमी पार्टी के शासनकाल के दौरान 145 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया।
दिल्ली के उपराज्यपाल ने ‘जय भीम योजना’ में संभावित भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद इसके जांच के आदेश दे दिए हैं। यह आदेश सीएम की सिफारिश पर एंटी करप्शन ब्रांच को दिया गया है। इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद और रविंद्र इंद्राज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें AAP नेताओं पर घोटाले और कमीशनखोरी के आरोप लगाए हैं।
आशीष सूद ने आरोप लगाया है कि ‘जय भीम योजना’ की आड़ में पिछली सरकार के नेताओं ने निजी लाभ कमाया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीरों का उपयोग कर खुद को सामाजिक न्याय का पक्षधर बताने वाले नेताओं ने छात्रों के नाम पर भ्रष्टाचार किया है। योजना 2018 में शुरू की गई और पहले साल 419 विद्यार्थियों को कोचिंग दी गई जो कि बाद में बढ़कर लगभग 2070 छात्रों तक पहुंच गई।
मंत्री सूद ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस योजना की असल लागत लगभग 15 करोड़ रुपये थी लेकिन इसके एवज में 145 करोड़ रुपये के बिल दिखाए गए। मंत्री ने आरोप लगाया है कि यह पूरी रकम मंजूर करवा ली गई और इस घोटाले में AAP के कई बड़े नेता शामिल थे। वर्तमान रेखा गुप्ता सरकार ने इस योजना की समीक्षा शुरू की, तो बहुत प्रयासों के बाद केवल 13,000 छात्रों की सूची उपलब्ध कराई जा सकी।
आशीष सूद ने एक उदाहरण देकर बताया कि अगर सभी छात्रों को आईएएस की कोचिंग दी गई होती, जिसकी फीस एक लाख रुपये है, तब भी कुल खर्च 130 करोड़ रुपये होता। जबकि बिल 145 करोड़ का था। वहीं रविंद्र इंद्राज ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस योजना को आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार का जरिया बना दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान इस योजना के नाम पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया।